स्पेन में महक रही भारतीय माटी की खुशबू: कैटेलोनिया में प्रवासी भारतीयों से मिले केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, भारत-स्पेन मैत्री को नई ऊँचाई देने पर जोर भारतीय समुदाय ने रखीं पाँच प्रमुख मांगें; ‘हाउडी मोदी’ की तर्ज पर स्पेन में ‘होला मोदी’ कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह

बिलासपुर/बार्सिलोना।केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने स्पेन के कैटेलोनिया क्षेत्र में निवासरत भारतीय समुदाय के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रवासी भारतीयों को भारत और स्पेन के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक एवं सामाजिक संबंधों का महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय भारत की वैश्विक पहचान के सशक्त प्रतिनिधि हैं। वे अपनी प्रतिभा, परिश्रम, उद्यमशीलता और भारतीय संस्कृति के माध्यम से विदेशों में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग को मजबूत कर रहे हैं।

कैटेलोनिया क्षेत्र में लगभग 35 हजार भारतीय मूल के लोग निवासरत हैं। इनमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, केरल और तमिलनाडु सहित भारत के विभिन्न राज्यों के लोग शामिल हैं। भारतीय समुदाय के अनेक सदस्य आधुनिक तकनीक, व्यवसाय और विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में सक्रिय हैं। दुर्गा पूजा, दीपावली, गणेशोत्सव और ओणम जैसे पर्वों के आयोजन के माध्यम से उन्होंने विदेश की धरती पर भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूत हुए भारत-स्पेन संबंध
भारत और स्पेन के संबंधों पर प्रकाश डालते हुए तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की विदेश नीति को नई वैश्विक पहचान मिली है। भारत आज दुनिया के देशों के साथ समानता, पारस्परिक सम्मान और साझा विकास के आधार पर संबंधों को मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री जी की मई 2017 की स्पेन यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा दी। अक्टूबर 2024 में स्पेन के प्रधानमंत्री श्री पेड्रो सांचेज की भारत यात्रा और जनवरी 2026 में स्पेन के विदेश मंत्री की भारत यात्रा ने उच्चस्तरीय संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाया।
श्री साहू ने कहा कि वर्ष 1956 में स्थापित भारत-स्पेन राजनयिक संबंध वर्ष 2026 में अपने 70 वर्ष पूरे कर रहे हैं। यह दोनों देशों के बीच विश्वास, मैत्री और निरंतर बढ़ती साझेदारी का महत्वपूर्ण पड़ाव है। विदेश मंत्री स्तर पर संवाद तथा नियमित विदेश कार्यालय परामर्श (Foreign Office Consultations) के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा होती है।
उन्होंने कहा कि रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, व्यापार, निवेश, सार्वजनिक परिवहन, शहरी विकास, पर्यटन और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत और स्पेन के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखला, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में अपनी भूमिका का विस्तार कर रहा है। इससे स्पेन के साथ साझेदारी के नए रास्ते खुल रहे हैं।
प्रवासी भारतीय: भारत की वैश्विक पहचान और दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु
केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रवासी भारतीय भारत की अमूल्य शक्ति हैं। वे जिस देश में रहते हैं, वहाँ की अर्थव्यवस्था, समाज और विकास में योगदान देने के साथ अपनी मातृभूमि की संस्कृति, संस्कार और मूल्यों को भी संजोकर रखते हैं। उनकी उपलब्धियाँ भारत की प्रतिभा और सामर्थ्य का वैश्विक परिचय कराती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के साथ निरंतर संवाद और जुड़ाव को विशेष महत्व दिया है। इससे प्रवासी भारतीयों की सहभागिता, आत्मीयता और भारत के विकास में उनकी भागीदारी को नई पहचान मिली है।
उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय केवल भारत के सांस्कृतिक राजदूत ही नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में भारत के अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्वपूर्ण सहभागी भी हैं। स्पेन में रह रहे भारतीय समुदाय की सक्रियता भारत-स्पेन संबंधों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भारतीय समुदाय ने रखीं पाँच प्रमुख मांगें
संवाद के दौरान भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने पाँच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें बार्सिलोना में मंदिर निर्माण के लिए सहयोग, भारत और बार्सिलोना के बीच सीधी हवाई सेवा प्रारंभ करना तथा भारतीय संस्कृति, योग, अध्यात्म और स्वामी विवेकानंद के विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए विवेकानंद केंद्र की स्थापना शामिल है।
इसके साथ ही प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पेन यात्रा का आग्रह करते हुए अमेरिका में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम की तर्ज पर स्पेन में भी ‘होला मोदी’ कार्यक्रम आयोजित करने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन स्पेन में निवासरत भारतीय प्रवासी समुदाय स्वयं करना चाहता है।
पाँचवीं मांग के अंतर्गत प्रतिनिधियों ने पंजाब में नशे की गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने, नशामुक्ति अभियान को प्राथमिकता देने और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए प्रभावी प्रयास करने की अपील की।
केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने समुदाय के प्रतिनिधियों की सभी मांगों, भावनाओं और सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय अपनी कर्मभूमि में रहते हुए भी मातृभूमि की संस्कृति, संस्कार और विकास यात्रा से गहराई से जुड़े हुए हैं। उनकी सक्रिय सहभागिता भारत और स्पेन के बीच विश्वास, सांस्कृतिक आत्मीयता और आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।