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बिलासपुर

लिंगियाडीह में रेडक्रॉस मेडिकल स्टोर व ‘आरुग’ प्रोजेक्ट का आज शाम बेलतरा विधायक करेंगे उद्घाटन, लेकिन आमंत्रण पत्र से स्थानीय पार्षद का नाम नदारद; उपेक्षा पर जताया विरोध

बिलासपुर (लिंगियाडीह): Lingiyadih (अपोलो चौक) में बुधवार शाम एक ओर जहां भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से रेडक्रॉस मेडिकल शॉप, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का लोकार्पण और एसईसीएल के सौजन्य से ‘आरुग’ प्रोजेक्ट का शुभारंभ उत्सव के माहौल में संपन्न होने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर एक प्रशासनिक अनदेखी ने विवाद का रूप ले लिया है। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला द्वारा होने वाले इस आयोजन के आमंत्रण पत्र से स्थानीय वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल का नाम ही गायब है, जो अब पूरे क्षेत्र में चर्चा और जन-आक्रोश का केंद्र बन गया है।

जारी आधिकारिक आमंत्रण पत्र में विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर से लेकर एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों तक के नाम तो प्रमुखता से अंकित हैं, लेकिन जिस वार्ड की जनता के लिए यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू हो रहा है, वहां के निर्वाचित प्रतिनिधि को ही दरकिनार कर दिया गया है।

‘जनप्रतिनिधि का अपमान, जनता का अपमान’

वार्ड में आम जनता से जुड़ी इतनी बड़ी स्वास्थ्य सुविधा की शुरुआत के मौके पर स्थानीय पार्षद को आमंत्रित न किए जाने पर पार्षद दिलीप पाटिल ने कड़ा एतराज और गहरा असंतोष जताया है।

अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पार्षद दिलीप पाटिल ने कहा:

“एक चुने हुए जनप्रतिनिधि की इस तरह अनदेखी करना सीधे तौर पर उस वार्ड की सम्मानित जनता की उपेक्षा करना है। यह एक अत्यंत गलत परंपरा की शुरुआत है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासनकाल में दलीय राजनीति से ऊपर उठकर हर चुने हुए प्रतिनिधि को सम्मान दिया जाता था और कभी ऐसा भेदभाव नहीं देखने को मिला।” 

प्रशासनिक समन्वय और मर्यादा पर उठे सवाल

क्षेत्रीय लोगों का भी मानना है कि जनसुविधाओं से जुड़े स्थानीय आयोजनों में वार्ड पार्षद की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रोटोकॉल के तहत स्थान न मिलना न केवल प्रशासनिक समन्वय की कमी को दर्शाता है, बल्कि लोकतंत्र में जनप्रतिष्ठित पदों की गरिमा पर भी सवाल खड़े करता है।