Loading ...
बिलासपुर

मानदेय समय पर नहीं मिलने से आर्थिक संकट से गुजर रही मितानिनों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ मितानिन (आशा) यूनियन के द्वारा मितानिनों को मानदेय का भुगतान समय पर नहीं होने और तकनीकी दिक्कतों को लेकर अपनी मांगें मंगलवार को कलेक्टर की सौंपी हैं। मितानिनों ने बताया कि मितानिनें नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं का कार्य करती हैं, लेकिन मानदेय भुगतान को लेकर उन्हें लगातार परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है।

उनका कहना था कि वे सभी बंधवापारा हेमूनगर क्षेत्र की मितानिन है। जिन्हें मई माह का मानदेय अभी तक पूरा प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा जून और जुलाई माह का मानदेय भी अब तक उन्हें नहीं मिला है। इससे मितानिन बहनों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। मितानिनों का कहना है कि उनका मानदेय पहले से ही बेहद कम है जिससे ले दे कर वे अपना घर चला पाती है, उसमें में भी अब उनका मानदेय अक्सर दो से तीन हिस्सों में दिया जा रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ी हो गई है और उन्हें अपना घर चलना बहुत मुश्किल हो गया है।

मितानिनों ने मांग रखी है कि मानदेय का भुगतान एकमुश्त और प्रत्येक माह की 6 तारीख तक किया जाए, जैसा कि पहले किया जाता था। साथ ही ऑनलाइन मितानिन पासबुक, जिसे मुख्यमंत्री द्वारा राज्य स्तरीय सम्मेलन में जारी किया गया था, वर्तमान में काम नहीं कर रही है। मितानिनों का कहना है कि पासबुक से यह स्पष्ट जानकारी मिल सकती है कि किस माह का कितना मानदेय आया है, इसलिए इसे तत्काल दुरुस्त करवाया जाए।

मितानिनों ने कलेक्टर से यह भी अनुरोध किया है कि रविवार को आपात चिकित्सा सेवाओं को छोड़कर किसी भी प्रकार की बैठक या प्रशिक्षण का आयोजन न किया जाए। उनका कहना है कि इससे मितानिनों को अपने परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिल सकेगा।

मितानिनो ने अपनी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने हुए उसके शीघ्र समाधान की मांग करते हुए मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान करुणा यादव, दुर्गा पटेल, जानकी यादव,रेखा मानिकपुरी,माया भाई,रेनू गुरुंग, संतोषी राव, गंगा श्री यादव, सुधा वर्मा आदि मितानिन बहने उपस्थित रही।