AIDSO ने सरकारी कॉलेजों को मर्ज करने और बंद करने की प्रक्रिया के खिलाफ मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) बिलासपुर जिला कमेटी द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के सरकारी कॉलेजों के युक्तियुक्तकरण (Rationalization), जीरो एडमिशन वाले कॉलेजों को मर्ज करने और छात्र संख्या के आधार पर कॉलेज बंद करने की प्रक्रिया के विरोध में मुख्यमंत्री को (कलेक्टर महोदय, बिलासपुर के माध्यम से) एक ज्ञापन सौंपा गया है।
AIDSO की मुख्य चिंताएं और आरोप:
संगठन ने प्रदेश के सरकारी कॉलेजों को मर्ज करने की चल रही तैयारियों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 7 शासकीय कॉलेजों में पिछले सत्र में एक भी छात्र का दाखिला नहीं हुआ (जीरो एडमिशन), 23 कॉलेजों में छात्रों की संख्या 100 से कम है, और कुल 68 कॉलेजों को मर्ज किए जाने की योजना बनाई जा रही है। कई कॉलेज मात्र 4-5 कमरों में संचालित हो रहे हैं और वहां लैब व लाइब्रेरी जैसी बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। संगठन का स्पष्ट मानना है कि कॉलेजों में छात्रों की संख्या कम होना छात्रों की रुचि की कमी नहीं, बल्कि सरकार और उच्च शिक्षा निदेशालय की विफलता का परिणाम है। बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों के पदों और भवनों की भारी कमी के कारण आज सरकारी शिक्षा व्यवस्था बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है।
संगठन की प्रमुख मांगें:
रोक लगाई जाए: कॉलेजों को मर्ज करने और युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए।
बुनियादी सुविधाओं का विकास: जिन कॉलेजों में खुद का भवन, लाइब्रेरी और लैब जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, वहां युद्ध स्तर पर इनका निर्माण किया जाए।
इस ज्ञापन के दौरान जिला अध्यक्ष सूरज साहू, जिला सचिव जूही बैनर्जी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।