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धार्मिकबिलासपुर

मां दुर्गा के छठे रूप माँ कात्यायनी की हुई विशेष पूजा, कुदुदण्ड माता चौरा स्थित मंदिर में की गई विशेष पूजा अर्चना

बिलासपुर।नवरात्रि के छठवें दिन माँ दुर्गा के छठे रूप माँ कात्यायनी की विशेष पूजा, वार्ड नंबर 16 विष्णु नगर कुदुदण्ड माता चौरा में की गई।

पंडित आचार्य लोमश पांडे ने बताया कि मां दुर्गा के छठे रूप को मां कात्यायनी कहा जाता है. नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. मां कात्यायनी से जुड़ी कुछ खास बातें उन्होंने बताई कि  मां कात्यायनी का अवतार कात्यायन ऋषि की पुत्री के रूप में हुआ था.मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत भव्य और दिव्य है. मां मीठा पान बहुत पसंद है जो भोग के रूप में आज मन को भेंट किया गया
इनका रंग स्वर्ण के समान चमकीला और भास्वर है.मां कात्यायनी शेर पर सवार हैं और इनकी चार भुजाएं हैं.इनके बाएं हाथ में कमल और तलवार है और दाहिने हाथों में स्वास्तिक और आशीर्वाद की मुद्रा है.मां कात्यायनी को लाल रंग समर्पित है.मां कात्यायनी की पूजा करने से भक्त के व्यक्तित्व में निखार आता है.
मां कात्यायनी की आराधना से गृहस्थ जीवन सुखमय रहता है.मां कात्यायनी की पूजा करने से अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है.ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह का सम्बन्ध मां कात्यायनी से माना जाता है.

उन्होंने बताया जाता है कि यह मंदिर लगभग 25 सालो वर्ष पुरानी है। लोगो की इस मंदिर में बेहद आस्था है। जो लोग इस मंदिर में पूरी आस्था और विश्वास के साथ नवरात्रि में ज्योति कलश जलवाते है । मां उनकी मनोकामना अवश्य पूरा करती है।

नवरात्रि के छठे दिन माता रानी की पूजा अर्चना में मुख्य जजमान के रूप में
श्रीमती अनीता/भारत पांडे एवम श्रीमती रंजू /दिनेश निर्मलकर रहे।  वही मंदिर समिति की ओर से अध्यक्ष कमल जैन, रवि चतुर्वेदी, राजू गुप्ता, संदीप भोसले ,विजय यादव, हनुमान प्रसाद देवांगन, सखन पटेल, बैग शंभू यादव, मांगे यादव, धनंजय यादव, जुगनू रजक, राजकुमार पांडे, तुषार पांडे व समिति के सभी सदस्य, श्रद्धालु गण उपस्थित थे।