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बिलासपुरराजनीति

कांग्रेस पार्टी में मची घमासान, कोटा विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष के बीच उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा,विपक्ष मजे से ले रहा चुटकी

बिलासपुर। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी के बीच उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रतिदिन कुछ न कुछ आरोप प्रत्यारोप एक दूसरे पर लगाए जा रहे है।

जहां अटल श्रीवास्तव ने एक प्रेसवार्ता कर कलेक्टर और चपरासी वाले बयान में अपनी सफाई दी है। वही अब कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने कोटा विधायक की कार्यशैली पर सवाल उठते हुए उनके ऊपर कई आरोप लगाये है।

उन्होंने कहा है कि तीन ब्लाक अध्यक्ष ,दो नगर पालिका अध्यक्ष ने नगरीय निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़ कर चले गए। ब्लाक कांग्रेस पेंड्रा के अध्यक्ष प्रशांत श्रीवास,पेंड्रा नगर अध्यक्ष जय दत्त तिवारी,गौरेला ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष अनमोल पाठक आदि ने पार्टी छोड़ दी। वही पूर्व पेंड्रा नगर पालिका अध्यक्ष जलान सिंह,नगर पालिका अध्यक्ष राजेश जलान ने भी कांग्रेस पार्टी छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल किया।

वही रतनपुर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सूर्या ने भी पार्टी छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ा। लोकसभा चुनाव के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान ने भी कांग्रेस छोड़ बीजेपी ज्वॉइन की।

जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव से सवाल किया है कि जिन लोगों ने मिलकर उन्हें कोटा का विधायक बनाया,आखिरकार उन्हें ही पार्टी क्यों छोड़नी पड़ रही है? पार्टी जोड़ने की जगह पार्टी तोड़ने का काम कौन कर रहा है ?

वही अब रतनपुर नगरपालिका प्रत्याशी शीतल जायसवाल ने भी विजय केशरवानी की शिकायत पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज से की है। उनका आरोप है कि विजय केशरवानी ने रमेश सूर्या का नाम वापसी के लिए कोई प्रयास नहीं किया। जिसके कारण उनकी हार हुई है।

इस तरह कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी लड़ाई अब तेज हो गई है। एक दूसरे के ऊपर लगातार आरोप प्रत्यारोपों की बौछार हो रहे है। वही मीडिया में लगातार बयानबाजी के चलते पार्टी की भी किरकिरी हो रही है। नगर निगम चुनाव में करारी हार के बाद इस तरह कांग्रेस का आपस में ही वाद- विवाद एव आरोप- प्रत्यारोप पर विपक्ष बड़ी मजे से चुटकी ले रहा है।