बलरामपुर: नशे में धुत शिक्षक ने अस्पताल में किया हंगामा, जेल भेजा गया

बलरामपुर (शंकरगढ़)। शिक्षक समाज का मार्गदर्शक और आदर्श होता है, लेकिन बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ में एक शिक्षक का आचरण मर्यादा के विपरीत देखने को मिला। स्वतंत्रता दिवस के दिन नशे की हालत में एक शिक्षक ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार, 15 अगस्त को शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शिक्षक प्रमोद एक्का को उनके परिजन इलाज के लिए लेकर पहुंचे थे। शिक्षक इतनी नशे की हालत में था कि अस्पताल परिसर में हाई वोल्टेज ड्रामा करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उसने बीएमओ और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ गाली-गलौच की और अस्पताल के उपकरणों को नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश की।
परिजनों ने बांधे हाथ-पांव
स्थिति बिगड़ने पर परिजनों और मौजूद लोगों ने उसे काबू में करने के लिए हाथ-पांव बांध दिए, ताकि किसी को नुकसान न पहुंचे। इसके बाद बीएमओ ने पूरे मामले की सूचना शंकरगढ़ थाने को दी।
पुलिस ने की कार्रवाई
थाना प्रभारी जितेन्द्र जायसवाल ने बताया कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने का अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, इस मामले की जानकारी संबंधित शिक्षा विभाग को भी भेज दी गई है।
चिंता का विषय
एक शिक्षक का ऐसा आचरण समाज और शिक्षा जगत दोनों के लिए चिंता का विषय है। जिम्मेदार पद पर आसीन व्यक्ति से अपेक्षा होती है कि वह विद्यार्थियों और समाज के लिए आदर्श बने, लेकिन ऐसे मामलों से शिक्षा की गरिमा को ठेस पहुंचती है। विभागीय स्तर पर उचित कार्रवाई की जरूरत है।