बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि के विरोध में कांग्रेस का जोड़दार विरोध प्रदर्शन, तिफरा कार्यालय का किया घेराव
बिलासपुर। पहले ही घरेलू गैस और पेट्रोल के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की कमर तोड़ रखी है। ऐसे में बीजेपी सरकार द्वारा बिजली की दरों में बढ़ोतरी की घोषणा अब आम गरीब परिवार के लोगों को संकट में ला खड़ा किया है।इसी बढ़ती बिजली दरों के विरोध में बुधवार को कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताते CSEB कार्यालय तिफरा का घेराव कर जोड़दार विरोध प्रदर्शन किया।

इस दौरान कांग्रेस के शहर एवं ग्रामीण जिलाध्यक्ष सुधांशु मिश्रा एवं महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि बिजली की बढ़ते दरों ने पहले ही गरीब परिवार की कम तोड़ रखी है,अब भाजपा की राज्य सरकार द्वारा एक बार फिर गरीब जनता की जेब में डाका डालने के लिए बिजली की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि कर दी गई है, जिसमे घरैलू उपभोक्ताओं के बिल में 50 पैसे तक प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है, साथ ही गैर घरैलु उपभोक्ताओं के लिए भी 40 पैसे तक प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, डीजल की समस्या से वैसे ही परेशान किसान को भी बारिश के पहले 40 पैसा प्रति यूनिट महंगी बिजली देगी बीजेपी सरकार, जिससे आम जन और किसान सभी को अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।भी न्यायोचित नहीं है। जिसका हम पुरजोर विरोध करते है।

कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना कि सरकार एक ओर सस्ती बिजली देने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर दरों में वृद्धि कर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादक के प्रमुख राज्यों में शामिल है , राज्य न केवल अपनी जरूरत की बिजली पैदा करता है, बल्कि अन्य राज्यों को भी बिजली आपूर्ति करता है, ऐसे में प्रदेश के उपभोक्ताओं पर प्रति यूनिट 50 पैसे तक की अतिरिक्त वृद्धि थोपना समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिजली उत्पादन की लागत और उपलब्धता राज्य के पक्ष में है, तो इसका लाभ आम उपभोक्ताओं को क्यों नहीं मिल रहा?

लोगो ने कहा की बढ़ती महंगाई के बीच बिजली दरों में वृद्धि घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ाएगी। उन्होंने इसे जनविरोधी फैसला बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।

कांग्रेस ने लगभग 1 घंटे तक जोड़दार विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सीएसईबी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के साथ चेतावनी भी दी गई कि यदि बिजली दर वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी एवम और उग्र स्वरूप दिया जाएगा।
सीएसईबी कार्यालय घेराव में कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया,पूर्व विधायक शैलेश पांडे, सियाराम कौशिक, विजय केसरवानी, रामशरण यादव, विजय पांडे, राजेंद्र शुक्ला, राजेंद्र साहू, शेख नजरुद्दीन, रविंद्र सिंह, प्रमोद नायक, भरत कश्यप, रामा बघेल, आशीष सिंह ठाकुर, जितेंद्र पांडे, चित्रकांत श्रीवास, शिल्पी तिवारी, सीमा घृतेश, पिंकी बत्रा, आशीष गोयल, तजम्मुल हक, संतोष गर्ग, लक्ष्मीनाथ साहू, समीर अहमद, गौरव ऐरी, सुभाष ठाकुर, मोहमद सहनवाज, मोहम्मद अयूब, शहजादा खान, सुबोध केसरी, राहुल वाधवानी, अमित यादव, शहजादी कुरेशी, अब्दुल इब्राहिम, शेख आजम, हिमांशु कश्यप, राहुल ठाकुर, संतोष दुबे, आदित्य दीक्षित, ब्रह्मदेव ठाकुर, बिहारी देवांगन, प्रीती पाटनवार, अभुदय तिवारी, सैय्यद इमरान, हमीदा खान, संजीव पाल, देवेंद्र मिश्रा, हरमिंदर शुक्ला, रिक्की सिंह, सत्या सर्वे, राकेश केसरी, सुरेंद्र तिवारी, अन्नू पांडे, नंदनी ठाकुर, अनुपा मिश्रा, रिक्की दुबे, अजय यादव, विक्की यादव, चंदन सिंह, वहीदा खान, फरीदा खान, अजरा खान, एंजल चोकसे, राजू सूर्यवंशी, अन्नपूर्णा ध्रुव, प्रतीक तिवारी, राज सिंह, युवराज तिवारी, रातिश श्रीवास्तव, कौशिक धर, बॉबी थॉमस, संतोष प्रजापति, आदित्य ठाकुर, पूजा प्रधान आदि उपाथित रहे।