आवेदक संतुष्ट, फिर भी दोबारा कराया गया टीम सीमांकन
साय सरकार में वरिष्ठ भाजपा नेता की भूमि पर तहसीलदार की कथित मनमानी

बिलासपुर | बिलासपुर तहसील में राजस्व कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद शिव प्रताप साव की करबला स्थित भूमि का विधिवत टीम सीमांकन हो जाने और आवेदक के संतुष्ट होने के बावजूद तहसीलदार प्रकाश साहू द्वारा दोबारा टीम सीमांकन कराए जाने से प्रशासनिक मनमानी के आरोप लग रहे हैं।
राजस्व नियमों के अनुसार भूमि की नाप-जोख एवं सीमांकन का दायित्व राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी का होता है। सीमांकन रिपोर्ट तहसील में जमा होने के बाद तहसीलदार का कार्य केवल उसे नस्ती कर रिपोर्ट प्रदान करना होता है, किंतु आरोप है कि बिलासपुर तहसील में तहसीलदार प्रकाश साहू की पदस्थापना के बाद से सीमांकन एवं नामांतरण जैसे कार्यों में अनावश्यक विलंब और हस्तक्षेप बढ़ गया है।
सीमांकन से संतुष्ट आवेदक, फिर भी रोकी गई रिपोर्ट
मौजा जूना बिलासपुर, हल्का करबला स्थित खसरा नंबर 275/2, रकबा 0.1130 हेक्टेयर भूमि शिव प्रताप साव के नाम दर्ज है। इस भूमि का 15 अक्टूबर 2025 को 7 सदस्यीय आरआई–पटवारी टीम द्वारा सीमांकन किया गया, जिसमें पाया गया कि चिमन रावलानी द्वारा खसरा नंबर 275 के कुछ हिस्से पर कब्जा किया गया है।
सीमांकन रिपोर्ट तहसील में जमा होने के बावजूद आवेदक को रिपोर्ट नहीं दी गई। जब इस संबंध में तहसीलदार से संपर्क किया गया तो बताया गया कि सीमांकन में आपत्ति आई है, इसलिए पुनः सीमांकन कराया जाएगा।
दूसरे खसरे की आपत्ति स्वीकार करना बना विवाद
आपत्तिकर्ता चिमन रावलानी खसरा नंबर 277 का भू-स्वामी है, जबकि सीमांकन खसरा नंबर 275 का किया गया था। इसके बावजूद उसकी आपत्ति स्वीकार कर ली गई, जिसे राजस्व नियमों के विरुद्ध बताया जा रहा है। चर्चा है कि सीमांकन में अवैध कब्जे का खुलासा होने के बाद आपत्ति जानबूझकर दर्ज कराई गई।
दोबारा सीमांकन में भी अधूरी औपचारिकता
तहसीलदार द्वारा 12 दिसंबर 2025 को पुनः टीम सीमांकन का नोटिस जारी किया गया। इसके तहत शुक्रवार 2 जनवरी को नई टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि तहसीलदार के फोन के बाद सीमांकन प्रक्रिया रोक दी गई। आधा-अधूरा सीमांकन कर पंचनामा तैयार किया गया, जबकि चारों दिशाओं से नाप-जोख नहीं की गई।
इस पर असंतोष जताते हुए आवेदक के पुत्र एवं अन्य परिजनों ने पंचनामा पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
कलेक्टर से की गई शिकायत तहसीलदार की कार्यशैली से परेशान होकर पूर्व पार्षद शिव प्रताप साव ने कलेक्टर बिलासपुर से मुलाकात कर सीमांकन रिपोर्ट दिलाने हेतु आवेदन दिया है। बावजूद इसके, तहसील कार्यालय द्वारा मामले को और उलझाया जा रहा है।
खसरा 275 का सीमांकन, खसरा 277 की आपत्ति अवैधानिक सीमांकन में उपस्थित आवेदक के पुत्र अवनीश साव ने बताया कि एक बार टीम सीमांकन हो जाने और आवेदक के संतुष्ट होने के बाद दोबारा सीमांकन का कोई प्रावधान नहीं है। यदि आपत्ति आती है तो उसका निराकरण सुनवाई के माध्यम से किया जाता है, न कि पुनः सीमांकन कराकर भूमि को विवादित बनाया जाता है।उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलदार प्रकाश साहू द्वारा जानबूझकर उनकी भूमि को विवादित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध है।


