
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन गुरुवार को सदन में स्वास्थ्य सेवाओं और विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर जोरदार चर्चा हुई। कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज और बजट को लेकर सवाल-जवाब हुए।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में की गई अटैचमेंट नियुक्तियों को रद्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अस्पतालों से कई कर्मचारी अटैच होकर शहरी अस्पतालों में काम कर रहे हैं, जिससे गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसे देखते हुए सरकार ने ऐसे सभी अटैचमेंट समाप्त करने का निर्णय लिया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत हो सके।
वहीं प्रश्नकाल के दौरान स्वास्थ्य मंत्री अपने ही दल की विधायक के सवालों से घिरते नजर आए। भाजपा विधायक लता उसेंडी ने स्वास्थ्य विभाग में कार्य पूरा होने के बावजूद ठेकेदारों को भुगतान नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में काम पूरा होने के बाद भी भुगतान लंबित है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी कभी मौखिक वर्क ऑर्डर के आधार पर भुगतान कर देते हैं और कभी उसी आधार पर भुगतान से इनकार कर देते हैं।
लता उसेंडी ने यह भी सवाल उठाया कि गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने याद दिलाया कि मंत्री ने करीब नौ महीने पहले ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने भी सरकार को घेरते हुए स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और जवाब की मांग की। सदन में इस विषय पर काफी देर तक चर्चा होती रही।