रात 10:30 बजे ‘नशे की रफ्तार’ पर पुलिस का ब्रेक: सिविल लाइन पुलिस की सख्त कार्रवाई, नशे में धूत युवती पर हुई कार्यवाही

बिलासपुर। शहर में बढ़ते सड़क हादसों और नशे में वाहन चलाने वालों पर अंकुश लगाने के लिए सिविल लाइन पुलिस ने मंगलवार रात राजीव गांधी चौक पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान बिना नंबर प्लेट और ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी।
रात करीब 10:30 बजे महाराणा प्रताप चौक की ओर से आ रही एक युवती, जो होंडा एक्टिवा चला रही थी, पुलिस जांच से बचने के प्रयास में तेज रफ्तार से आगे बढ़ी। कुछ ही दूरी पर वाहन अनियंत्रित होने से वह सड़क पर गिर गई। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उसे संभाला, जहां उसके नशे में होने का संदेह हुआ। पुलिस द्वारा ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराने की कोशिश में युवती ने पहले सहयोग नहीं किया। बाद में जांच में 140 की रीडिंग सामने आई। पुलिस का कहना है कि यदि युवती सही तरीके से टेस्ट करवाती तो यह आंकड़ा और अधिक हो सकता था।
नशे की हालत में युवती ने पुलिसकर्मियों से अभद्र व्यवहार किया और मौके पर हंगामा भी किया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्रवाई के दौरान भी युवती का रवैया आक्रामक बना रहा और वह पुलिस व मीडियाकर्मियों से उलझती रही। पूछताछ में युवती ने बताया कि उसका बॉयफ्रेंड नारकोटिक्स मामले में जेल में है, जिससे तनाव में आकर उसने शराब का सेवन किया। उसने पुलिस से कहा कि “जो करना है कर लो, ज्यादा से ज्यादा क्या होगा जेल ही भेजोगे।” सिविल लाइन पुलिस ने युवती की एक्टिवा को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की। हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया, लेकिन जाते समय भी उसने पुलिसकर्मियों से बहस और गाली-गलौज जारी रखी।
पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा है कि शहर में ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ लगातार सघन अभियान जारी रहेगा। नशे में वाहन चलाना न केवल कानूनन अपराध है बल्कि यह दूसरों की जान के लिए भी खतरा है। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह घटना केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति उनके भविष्य और दूसरों की सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बनती जा रही है। पुलिस ने अपील की है कि तनाव या आवेग में आकर ऐसा कदम न उठाएं जो जीवन और करियर पर स्थायी दाग छोड़ दे।सिविल लाइन पुलिस की इस ताबातोड़ कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब “नशे में ड्राइव” करने वालों पर कानून का डंडा हर हाल में चलेगा।