
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश में संचालित अशासकीय स्कूलों द्वारा फीस बढ़ोतरी तथा पालकों को एक ही फर्म से पुस्तक, गणवेश एवं सामग्री खरीदने के लिए बाध्य किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर निगरानी एवं जांच समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि निजी स्कूलों द्वारा अप्रत्याशित दरों पर किताबें और गणवेश बेचने से पालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। साथ ही इस तरह की शिकायतें लगातार समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हो रही हैं। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर समितियों का गठन किया गया है।
जिला स्तरीय निगरानी समिति में शामिल होंगे:
कलेक्टर
जिला शिक्षा अधिकारी
सहायक आयुक्त, जीएसटी
विकासखंड स्तरीय जांच दल समिति में शामिल होंगे:
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)
विकासखंड शिक्षा अधिकारी
जीएसटी इंस्पेक्टर
शासन ने निर्देश दिए हैं कि अशासकीय विद्यालयों में फीस बढ़ोतरी से संबंधित शिकायतों पर “छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन विधेयक-2020” के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यह आदेश स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव कमल प्रीत सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर से 19 मई 2026 को जारी किया गया है।
आदेश की कॉपी….
