दूसरे लड़कों से बातचीत का शक बना खूनी साजिश की वजह, दोस्त से करवाया एसिड अटैक कोचिंग में साथ पढ़ते थे, डेढ़ साल चला अफेयर; कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपियों पर भड़की भीड़, पुलिस से झड़प
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद में 22 वर्षीय छात्रा पर हुए एसिड अटैक के मामले में पुलिस ने कथित साजिश का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी यश सोनकर और उसके दोस्त करण कुंजाम को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी का छात्रा के साथ करीब डेढ़ साल से प्रेम संबंध था। शादी की इच्छा रखने वाले आरोपी को कथित तौर पर छात्रा के दूसरे लड़कों से बातचीत करने का शक था। इसी शक और नाराजगी के चलते उसने अपने बचपन के दोस्त के साथ मिलकर छात्रा पर एसिड हमला करवाने की योजना बनाई।

घटना सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है। छात्रा आमापारा स्थित लाइब्रेरी से पढ़ाई कर घर लौट रही थी। इसी दौरान आमापारा आत्मानंद स्कूल के सामने सिंचाई कॉलोनी के पास आरोपी ने पीछे से पहुंचकर उसके चेहरे पर एसिड फेंक दिया और मौके से फरार हो गया। हमले में छात्रा के चेहरे, शरीर के दाहिने हिस्से और आंख के आसपास गंभीर रूप से झुलसने की बात सामने आई है।

कोचिंग में हुई थी मुलाकात, डेढ़ साल से था संबंध
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी यश सोनकर बालोद के ग्राम नेवारीखुर्द का रहने वाला है और शहर के आमापारा में किराए के मकान में रह रहा था। छात्रा और आरोपी ने एक साथ कोचिंग में पढ़ाई की थी। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और करीब डेढ़ साल तक उनका संबंध रहा।
जांच में सामने आया है कि आरोपी छात्रा से शादी करना चाहता था, लेकिन पिछले कुछ समय से उसे छात्रा के अन्य लड़कों से बातचीत करने का शक होने लगा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ। पुलिस का दावा है कि इसके बाद आरोपी ने छात्रा पर हमला करवाने की साजिश रची।
दुर्ग से खरीदा था 500 एमएल सल्फ्यूरिक एसिड
पुलिस के अनुसार आरोपी ने लैब में इस्तेमाल होने वाला करीब 500 एमएल सल्फ्यूरिक एसिड 26 सितंबर को दुर्ग से खरीदा था। शुरुआती योजना के मुताबिक 27 सितंबर को गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान छात्रा पर हमला किया जाना था, लेकिन उस प्रयास में आरोपी खुद झुलस गया और योजना सफल नहीं हो सकी।
इसके बाद आरोपी ने दोबारा हमले की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक उसने अपने बचपन के दोस्त करण कुंजाम को भैरमगढ़, बीजापुर से बालोद बुलाया। करण अपनी महिला मित्र के साथ बालोद पहुंचा था। पुलिस का कहना है कि घटना से पहले मुख्य आरोपी ने कमरौद में अपनी महिला मित्र की मांग भरकर उससे कथित रूप से शादी भी की थी।
दोस्त को दिया एसिड, छात्रा की रेकी करवाई
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात से पहले मुख्य आरोपी ने अपने दोस्त को एसिड की बोतल दी और छात्रा की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसकी रेकी करवाई। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने दोस्त से छात्रा के चेहरे को निशाना बनाने की बात कही थी।
इसके बाद करण छात्रा के आने-जाने के रास्ते पर पहुंचा और लाइब्रेरी से निकलने के बाद उसका पीछा किया। मौका मिलते ही उसने छात्रा के चेहरे पर एसिड फेंका और वहां से फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी को उम्मीद थी कि बाहर से बुलाया गया उसका दोस्त वारदात के बाद आसानी से बालोद से निकल जाएगा और पुलिस की गिरफ्त से बच जाएगा। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में आरोपी को कोंडागांव से गिरफ्तार कर लिया। मामले में इस्तेमाल एसिड का बचा हुआ हिस्सा भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
कोर्ट में पेशी के दौरान भड़की भीड़, आरोपियों पर फेंका रंग
मंगलवार शाम दोनों आरोपियों को बालोद न्यायालय में पेश करने के लिए पुलिस वाहन से लाया गया। जैसे ही आरोपियों को कोर्ट ले जाया जा रहा था, पटेल मैदान के सामने बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहन को रोककर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और फांसी की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। इस दौरान आरोपियों पर काला-नीला रंग फेंका गया और उन्हें जूतों की माला पहनाने का प्रयास भी किया गया। कुछ छात्राओं ने आरोपियों की पिटाई करने की कोशिश की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
करीब डेढ़ घंटे तक न्यायालय परिसर के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने आरोपियों के आसपास कड़ा घेरा बना दिया और किसी को उनके पास जाने नहीं दिया।
आरोपियों को पीछे के रास्ते से ले गई पुलिस
पेशी के बाद आरोपियों को जेल ले जाने के दौरान भी पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने मुख्य मार्ग के बजाय कोर्ट के पीछे के रास्ते का इस्तेमाल किया और दूसरे वाहन से दोनों आरोपियों को जेल भेजा। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ अधिवक्ताओं ने आरोपियों का केस नहीं लड़ने की बात भी कही है।
पुलिस अब पूरे घटनाक्रम में मुख्य आरोपी की भूमिका, उसके दोस्त के साथ हुई बातचीत, एसिड की खरीद, रेकी और हमले की पूरी साजिश से जुड़े साक्ष्यों को जुटा रही है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।