Loading ...
बिलासपुर

सर्व आदिवासी समाज अपने कुल देवी माँ महामाया के लिये निकालेगी जोहार सेवा यात्रा

बिलासपुर। जिला बिलासपुर की धर्म नगरी रतनपुर मे विराजित माँ महामाया देवी वर्षो से स्थानीय रतनपुर परिक्षेत्र सहित सम्पूर्ण जिला बिलासपुर के निवासरत सर्व आदिवासी समाज के लिये भक्ति, सिद्धि, शक्ति आराधना के लिये अतीत वर्षो से आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है आयोजन के संबंध मे समाज प्रमुखो ने अवगत कराया है की आदिवासी समाज  माँ महामाया दाई को अपने कुल देवी के रूप मे मानते एवं पूजन करते आये है पौराणिक अतीत मे उक्त रतनपुर मंदिर का संचालन पूजा व्यवस्था एवं प्रबंधन कार्य की सम्पूर्ण जिम्मेदारी यहां के मुल निवासरत आदिवासी समाज के बैगा भूमका लोंगो के हाथों मे हुआ करती थी। जिसमे रूढ़ि प्रथा परम्परा अनुसार कुल देवी की सेवा अर्जी पूजन करने की व्यवस्था प्रचलित निर्मित थी किन्तु वर्तमान समय मे समाज का अपने उक्त चलित प्रथा परम्परा व्यवस्था से दुरी होने के कारण अब रतनपुर महामाया मंदिर का पूजन संचालन प्रबंधन व्यवस्था  सिद्ध शक्ति पीठ महामाया मंदिर ट्रस्ट के हाथों मे चली गईं है एवं संचालित हो रही है।

समाज अपने रूढ़ि प्रथा परम्परा व्यवस्था को पुनः उसी रूप मे जागृत करने प्राप्ति हेतु अपने सभ्यता संस्कृति के उत्थान हेतु विगत पूर्व वर्ष मे लिये गये निर्णय और किये गये आयोजित कार्यक्रम के अनुसार इस वर्ष भी आगामी नवरात्रि पंचमी तिथि दिन गुरुवार को रतनपुर ( जूना शहर) बादल महल से रतनपुर मंदिर प्रांगण तक सर्व आदिवासी समाज इकाई रतनपुर द्वारा पारम्परिक बाजे गाजे के साथ जोहार सेवा यात्रा निकालकर समाजिक एकता का संदेश देंगे। और अपने सामजिक रूढ़ि प्रथा परम्परा अनुसार *कुल देवी महामाया दाई* को सेवा अर्जी चुनरी चढ़ाकर भोग अर्पित किया जायेगा।

इस यात्रा में सहित सम्पूर्ण जिला एवं ब्लाकों से सर्व आदिवासी समाज बिलासपुर पदाधिकारीगण, समाजिकगण हजारों की संख्या मे जोहार सेवा यात्रा मे सम्मिलित होंगे ।