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बिलासपुर

80 फीट मार्ग पर अवैध निर्माण का आरोप, हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का मामला गरमाया

बिलासपुर। निराला नगर के पुराने बस स्टैंड मार्ग पर स्थित 80 फीट चौड़ी मुख्य सड़क पर कथित अवैध कॉम्प्लेक्स निर्माण का मामला एक बार फिर चर्चा में है। शिकायतकर्ता ने निर्माणकर्ताओं पर हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना करने और नगर निगम के अधिकारियों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। मामले में भवन अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

नापजोक में अतिक्रमण की पुष्टि के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

शिकायत के अनुसार, निराला नगर निवासी श्याम कश्यप ने अक्टूबर 2024 से लगातार नगर निगम आयुक्त और उच्चाधिकारियों को आवेदन देकर 80 फीट मुख्य मार्ग पर किए गए कथित अवैध कॉम्प्लेक्स निर्माण की शिकायत की है। शिकायत में शिरीष पाण्डेय, गिरिश पाण्डेय और आशीष पाण्डेय पर निर्माण कराने का आरोप लगाया गया है।

आवेदक का दावा है कि संबंधित निर्माणकर्ताओं के पास जमीन की वैध रजिस्ट्री, डायवर्सन और स्वीकृत नक्शा नहीं है। शिकायत के मुताबिक, नगर निगम की नापजोक में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बावजूद अब तक निर्माण हटाने की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

राजीनामा आवेदन निरस्त, फिर भी नहीं हटा अतिक्रमण

शिकायत में बताया गया है कि नगर निगम ने 15 दिसंबर 2025 को कथित कब्जाधारियों का राजीनामा आवेदन निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद मौके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई।

आवेदक ने यह भी दावा किया है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 30 जून 2026 को जांच के बाद संबंधित कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मुख्य मार्ग पर कथित अवैध निर्माण बने रहने से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नापजोक में अतिक्रमण की पुष्टि, फिर भी निर्माण बरकरार

शिकायत के अनुसार, नगर निगम की ओर से अमले द्वारा नापजोक की गई थी। इसमें सड़क की भूमि पर अवैध निर्माण की पुष्टि होने का दावा किया गया है। आवेदक का आरोप है कि कार्रवाई की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी संबंधित कब्जाधारियों के खिलाफ कदम उठाने से बच रहे हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि भवनअधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। आवेदक ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माणकर्ताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

बुलडोजर कार्रवाई नहीं हुई तो अवमानना याचिका की चेतावनी

शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तत्काल बुलडोजर चलाकर सड़क को अतिक्रमण से मुक्त नहीं कराया, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।

आवेदक का कहना है कि 80 फीट चौड़ी सड़क पर अतिक्रमण से आम नागरिकों की आवाजाही और सड़क की उपयोगिता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में प्रशासन को मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

भवन अधिकारी की भूमिका पर भी उठाए सवाल

शिकायत में नगर निगम के भवन अधिकारी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आवेदक ने आरोप लगाया है कि निलंबन और ईंधन गबन जैसे मामलों में आरोपों से घिरे अधिकारी के पद पर बने रहने के दौरान निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो पा रही है। शिकायतकर्ता ने इसे कथित मिलीभगत का मामला बताते हुए अवैध निर्माण पर नगर निगम की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं।

अब बड़ा सवाल यह है कि जब 80 फीट मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत लगातार की जा रही है और हाईकोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया जा रहा है, तो नगर निगम आखिर कब कार्रवाई करेगा?