
बिलासपुर। कुछ महीने पूर्व कोटा ब्लाक में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से 2 मासूम बच्चों की मौत होने के बाद जिले के कलेक्टर अवनीश शरण के द्वारा जिले के सभी झोला छाप डाक्टरों की पड़ताल कर क्लिनिक सील करने का आदेश जारी किया गया था।


(डॉ मुकुल दास का क्लिनिक, दोमुहानी )
जिसके परिपालन में स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा गांवों में घूम घूम कर इन झोलाछाप डाक्टरों की पड़ताल कर इन पर छापेमारी की कार्यवाही की गई थी और इनके अवैध संचालित क्लिनिक को सील किया गया था।
जिस क्लिनिक को इन झोलाछाप डॉक्टरों ने चुपके से पुनः खोल लिया है और बिना डिग्री, योग्यता एवं रजिस्ट्रेशन के क्लिनिक खोल कर ये लोग बड़े बड़े गंभीर बीमारियों का बेधड़क इलाज कर ग्रामीण मासूम लोगों की जान से बड़ा खिलवाड़ कर रहे है। वही गांव के मासूम लोग अशिक्षित होने के कारण इनसे जाल में फंस कर इलाज करवा कर अपनी जान जोखिम में डाल रहे है।


स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि समय समय पर इनकी जांच कर इन पर कड़ी कार्यवाही करे अन्यथा कोटा ब्लाक जैसी घटनाएं बार बार होती रहेंगी। और हम मूक दर्शक बन कर इन ग्रामीण मासूमों के मौत का तमाशा देखते रहेंगे।
हमारी टीम की पड़ताल में जानकारी सामने आई है कि कुछ माह पूर्व ग्राम दोमुहानी में डॉ मुकुल दास के क्लिनिक में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कार्यवाही कर सील किया था जो अब दोबारा खोल दी गई है और बिना योग्यता के क्लिनिक संचालित कर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया है। इनके क्लीनिक में मरीजों को इंजेक्शन एवं बॉटल भी लगाए जा रहे है। वही बीपी, शुगर सहित कई प्रकार के टेस्ट भी किए जा रहे है।
वही पड़ताल में सामने आया है कि बोदरी के डॉ विधान चक्रवर्ती जिसे स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा हेतु योग्य ही नहीं पाया था। वह भी स्वास्थ्य विभाग के अनुमति के बैगर अपनी क्लीनिक पुनः खोल कर मरीजों का बेधड़क इलाज कर रहे है। और वे अपने क्लीनिक में मरीजों के सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज कर रहे है।
इस तरह जिले भर में बड़ी संख्या में झोलाछाप डॉक्टरों की क्लीनिक पुनः संचालित होने लगी है। बिना योग्यता के क्लिनिक संचालित कर झोलाछाप डॉक्टर मरीजों के जीवन से बड़ा खिलवाड़ कर रहे है। स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि तत्काल इस तरह के क्लीनिकों का संज्ञान लेकर इस पर बड़ी कार्यवाही करे ताकि ये लोग पुनः क्लिनिक खोलकर मासूम ग्रामीण लोगो के जीवन से खिलवाड़ न कर सके।