बिलासपुर में संलग्नीकरण पर कड़ा एक्शन: स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निर्देश पर DEO की बड़ी कार्रवाई, 37 शिक्षक और कर्मचारी मूल पदस्थापना हेतु तत्काल कार्यमुक्त BEO और प्राचार्यों की तय होगी जवाबदेही, ‘छूटे’ नाम भेजे तो गिरेगी गाज नौकरी पर खतरा’: कार्यमुक्त नहीं हुए तो सर्विस में लगेगा ब्रेक!
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में पठन-पाठन की व्यवस्था को मजबूत करने और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन-प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक चाबुक चलाया है। माननीय स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की समीक्षा बैठक में दिए गए सख्त निर्देशों के परिपालन में बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने कड़ा आदेश जारी किया है।
इसके तहत कलेक्ट्रेट, तहसील दफ्तरों, एनआईसी और अन्य गैर-शैक्षणिक विभागों में सालों से संलग्न (अटैच) 37 शिक्षकों, प्रधान पाठकों एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से मूल पदस्थापना शालाओं के लिए कार्यमुक्त (रिलीव) कर दिया गया है।
स्कूल शिक्षा मंत्री जी द्वारा 23 जून 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक एवं लोक शिक्षण संचालनालय (नवा रायपुर) द्वारा जारी पत्रों के आधार पर कलेक्टर बिलासपुर एवं संयुक्त संचालक (शिक्षा) के अनुमोदन से यह आदेश जारी किया गया है। विभाग द्वारा स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जो भी शिक्षक या कर्मचारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी मूल पदस्थापना वाली शाला में कार्यभार ग्रहण नहीं करेगा, उसके विरुद्ध ‘सेवा हरण’ (Break in Service) की कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी
कहाँ-कहाँ जमे थे साहब? देखें पूरी लिस्ट की झलक:
NIC व कलेक्ट्रेट परिसर: प्रधान पाठक जयप्रकाश वैष्णव और शिक्षक प्रकाश रजक। तहसील दफ्तर (बिलासपुर, तखतपुर, सीपत, बोदरी): व्यायाम शिक्षक धीरेन्द्र पाठक, सहायक शिक्षक बाबूलाल तिवारी, निशांत वर्मा, आशीष वर्मा, पी.एस. राजपूत, पी.के. ध्रुव, देवकांत सोनी, प्रियुष मिश्रा और भृत्य दीपक कुमार श्रीवास।
साक्षर भारत अभियान: प्रधान पाठक राजेश क्षत्री (मस्तुरी), संजय कुमार रजक (कोटा), अवनीश तिवारी, मोहन देव यादव, राजेश सिंह ठाकुर और इंद्रसान क्षत्री।

