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बिलासपुर

महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग, NSUI ने कुलपति के नाम सौंपा ज्ञापन

बिलासपुर।कौशलेन्द्र राव विधि स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बिलासपुर में चल रही प्रवेश प्रक्रिया में मेरिट/चयन सूची सार्वजनिक किए बिना प्रवेश दिए जाने की शिकायत को लेकर NSUI के महाविद्यालय अध्यक्ष सिद्धांश पांडेय ने अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों की ओर से लगातार यह चिंता व्यक्त की जा रही है कि मेरिट/चयन सूची सार्वजनिक किए बिना विद्यार्थियों को प्रवेश प्रदान किया जा रहा है। इससे प्रवेश प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता को लेकर विद्यार्थियों के बीच असंतोष और संदेह की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

NSUI अध्यक्ष सिद्धांश पांडेय ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है। मेरिट/चयन सूची सार्वजनिक होने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन विद्यार्थियों का चयन किस आधार पर किया गया है तथा सभी पात्र विद्यार्थियों को समान अवसर मिला है या नहीं।

ज्ञापन के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन से निम्न मांगें की गईं—

1. महाविद्यालय की वर्तमान प्रवेश प्रक्रिया की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. प्रवेश हेतु प्राप्त सभी आवेदनों के आधार पर तैयार मेरिट/चयन सूची तत्काल सार्वजनिक की जाए तथा चयन का आधार स्पष्ट किया जाए।
3. अब तक प्रवेश प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों की सूची एवं उनके प्रवेश से संबंधित आवश्यक विवरण का नियमों के अनुरूप सत्यापन कराया जाए।
4. यह जांच की जाए कि विश्वविद्यालय एवं शासन द्वारा निर्धारित मेरिट, आरक्षण एवं प्रवेश संबंधी नियमों का पूर्णतः पालन किया गया है या नहीं।
5. यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित प्रवेश एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
6. मामले की प्रारंभिक जांच एवं आवश्यक कार्रवाई 7 दिवस के भीतर पूर्ण कर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
7. भविष्य में महाविद्यालय की प्रत्येक प्रवेश प्रक्रिया में मेरिट/चयन सूची, उपलब्ध सीटों एवं प्रवेश संबंधी आवश्यक जानकारी समय पर सार्वजनिक करना सुनिश्चित किया जाए।

सिद्धांश पांडेय ने स्पष्ट किया कि NSUI का उद्देश्य किसी विद्यार्थी विशेष का प्रवेश रोकना नहीं है, बल्कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को समान अवसर दिलाना और प्रवेश प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप सुनिश्चित कराना है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार हुई है, तो मेरिट/चयन सूची सार्वजनिक करने में किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इससे विद्यार्थियों के बीच उत्पन्न असमंजस और संदेह भी दूर होगा।

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि विद्यार्थी हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मामले में तत्काल संज्ञान लिया जाए तथा मेरिट/चयन सूची सार्वजनिक होने तक नए प्रवेश के संबंध में उचित अंतरिम निर्देश जारी किए जाएं।

ज्ञापन सौंपने के दौरान शैलेन्द्र डहरिया, यशराज, खिलेेश, अभिजीत, अर्श खान, राहुल सिंह, युवराज सिंह सहित अन्य छात्र भी उपस्थित रहे। उपस्थित छात्रों ने भी प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मेरिट/चयन सूची सार्वजनिक करने तथा सभी पात्र विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान करने की मांग का समर्थन किया।