गुमा सहकारी समिति में 3.38 लाख रुपए के फर्जीवाड़े का मामला, चेक में ओवरराइटिंग कर अधिक राशि निकालने का आरोप
बिलासपुर। जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित गुमा में चेक में कूट रचना (फर्जीवाड़ा) और ओवर राइटिंग कर 3,38,000/- रुपये की अतिरिक्त राशि आहरित करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में समिति के प्राधिकृत अधिकारी एवं अध्यक्ष राजकुमार बरगाह ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
चेक में ओवरराइटिंग कर निकाली गई अतिरिक्त राशि
शिकायत पत्र के अनुसार, समिति के कार्यकारी प्रस्ताव के तहत तीन अलग-अलग चेकों की राशि स्वीकृत की गई थी, जिनमें बाद में कथित तौर पर हेराफेरी की गई:
पहला चेक (क्रमांक 021914, दिनांक 19/07/2025): स्वीकृत राशि 60,150/- रुपये थी, जिसे बदलकर 2,60,150/- रुपये आहरित किया गया।
दूसरा चेक (क्रमांक 021919, दिनांक 16/09/2025): स्वीकृत राशि 51,900/- रुपये थी, जिसे बदलकर 99,900/- रुपये आहरित किया गया।
तीसरा चेक (क्रमांक 016635, दिनांक 14/10/2025): स्वीकृत राशि 1,82,080/- रुपये थी, जिसे बदलकर 2,82,080/- रुपये आहरित किया गया।
इस प्रकार कुल मिलाकर 3,38,000/- रुपये का अतिरिक्त और अनियमित आहरण किया गया है।
बैंक अधिकारियों और सुपरवाइजर की भूमिका पर उठे सवाल
शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, शाखा बिल्हा के शाखा प्रबंधक लक्ष्मण कौशिक और सुपरवाइजर हितेश सलुजा की मिली भगत से अंजाम दिया गया है। आरोप है कि बैंक स्तर पर बिना उचित जांच के इन ओवर राइटिंग वाले चेकों को पास कर भुगतान कर दिया गया।
एफआईआर दर्ज और सुरक्षा की गुहार
शिकायतकर्ता राजकुमार बरगाह ने इस मामले में थाना बिल्हा में पहले ही दिनांक 26/09/2026 को अपराध क्रमांक (FIR) 0512 दर्ज करा दिया है। हालांकि, उनका आरोप है कि आरोपियों द्वारा लगातार एफआईआर वापस लेने के लिए मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है और धमकियां मिल रही हैं। आरोपियों की प्रभावशाली पहुंच के कारण उनके और उनके परिवार की जान-माल की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
प्रमुख मांगें:
मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।बैंक के शाखा प्रबंधक लक्ष्मण कौशिक और सुपरवाइजर हितेश सलुजा का बिल्हा शाखा से अन्यत्र स्थानांतरण किया जाए ताकि निष्पक्ष जांच संभव हो सके। मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। प्रताड़ना से सुरक्षा प्रदान करने हेतु स्थानीय पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए जाएं।
इस संबंध में उन्हें सीधा कोई शिकायत पत्र प्राप्त नहीं हुई है,न्यूज पेपर के माध्यम से जानकारी मिली, वर्तमान में यह मामला कोर्ट में चला गया है । अब कोर्ट से जैसा आदेश होगा उसके अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।- प्रभात मिश्रा CEO जिला सहकारी बैंक (मर्यादित)बिलासपुर