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धार्मिकबिलासपुर

श्री श्री सोलापुरी माता की बड़ी धूमधाम से निकली शोभायात्रा, देर रात मंत्रोच्चार के साथ देवी मां की गई स्थापना।

बिलासपुर। दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में सोलापुरी माता की पूजा धूमधाम से की जाती है। इसी तर्ज पर 23 साल पहले 12 खोली में इस पूजा की शुरुआत हुई।

शहर में श्री श्री सोलापुरा माता पूजा समिति के द्वारा पिछले 23 सालो से यह आयोजन बड़े ही धूम धाम से आयोजित की जा रही है। इस 24वें साल में भी पूजा उत्सव का भार किया गया है जिसकी शुभारंभ राटा पूजा के साथ 18 अप्रैल को हुई।

गुरुवार को राटा पूजा के बाद शुक्रवार दोपहर को खड़कपुर से आए पुजारी पार्थ सारथी ने बड़ी ही कुशलता से गीली हल्दी से मां सोलापुरी की प्रतिमा तैयार की। जिनका श्रृंगार मोगरे के फूल, नींबू आदि से किया गया।

सूरज ढलते ही लोको कॉलोनी स्थित त्रिपुर सुंदरी मां मरी माई मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस शोभायात्रा में बाल पुजारी देवी विग्रह को अपने सर पर धारण किए हुए आगे आगे चलते रहे। पारंपरिक डफली के अलावा बैंड बाजा और धुमाल के साथ निकली इस शोभा यात्रा के स्वागत में श्रद्धालु पलके बिछाए प्रतीक्षा कर रहे थे।

मां सोलापुरी के स्वागत में पूरे रास्ते को बुहारा गया और शीतल जल का छिड़काव किया गया। मां के मार्ग को निष्कंटक करने के लिए पूरे रास्ते महिलाओं ने साड़ियां बिछाईं। वहीं मान्यता अनुसार देवी के भक्त सड़क पर लेट जाते थे जिनके ऊपर से यह शोभायात्रा गुजरी। मान्यता है कि ऐसा करने से देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

इस शोभायात्रा में पुरुषों के अलावा महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी आधी रात तक चलते नजर आए वही मटके भक्ति द्वारा जगह – जगह महिलाए कलश में शीतल जल लिए मां का स्वागत किए वही शानदार आतिशबाजी भी की गई । देर रात को मां सोलापुरी स्टेशन रोड 12 खोली स्थित पंडाल पहुंचीं, जहां पुजारी पार्थ सारथी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देवी की स्थापना की। पूजा, आरती के बाद प्रसाद ग्रहण कर श्रद्धालु घर को लौटे।

इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष वी रामाराव, सचिव एस सांई भास्कर, कोषाध्यक्ष बी शंकर राव, टी गिरधर राव, सी नवीन कुमार, एल श्रीनिवास, डी भास्कर राव, आर रवि शंकर, बी शंकर राव, प्रवीण कुमार, जी गौरव शंकर, बी अन्नपूर्णा, बी गौरी, ज्योति देव, सांई दिव्या, भवानी, सांई कमल वर्षा रूही सुमन अंजलि सोना, जी गीत डी लक्ष्मी आदि शामिल रहे।