Loading ...
बिलासपुर

MIC बैठक में ‘मक्कार’ शब्द पर बवाल: अभियंताओं के विरोध के बाद गरमाया नगर निगम का माहौल

बिलासपुर। नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (MIC) की बैठक में अभियंताओं के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए “मक्कार” शब्द को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस टिप्पणी के बाद नगर निगम के अभियंताओं ने सामूहिक रूप से आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे पूरे इंजीनियरिंग संवर्ग का अपमान बताया है और प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है।

अभियंताओं ने निगम आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि किसी एक अधिकारी या कर्मचारी की कार्यशैली पर सवाल उठाना अलग बात है, लेकिन पूरे अभियंता वर्ग के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे अधिकारियों का मनोबल भी प्रभावित होता है। उन्होंने मांग की है कि मामले का संज्ञान लिया जाए, संबंधित टिप्पणी को कार्यवृत्त में दर्ज किया जाए, सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया जाए तथा भविष्य में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच संवाद के लिए स्पष्ट आचार-संहिता बनाई जाए।

ज्ञापन में अभियंताओं ने यह भी उल्लेख किया है कि नगर निगम का इंजीनियरिंग अमला केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। सड़क, नाली, भवन अनुज्ञा, टेंडर प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण, न्यायालयीन प्रकरण, पोर्टल संचालन, बाढ़ प्रबंधन और आपदा राहत जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर स्टाफ की कमी के कारण तकनीकी अधिकारियों को लिपिकीय कार्य भी करना पड़ रहा है।

वहीं, नगर निगम के विकास कार्यों की गुणवत्ता, अधूरे प्रोजेक्ट, जलभराव, खराब सड़कें और नागरिकों की शिकायतों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जनता ने उन्हें जवाबदेही तय करने और कार्यों की समीक्षा के लिए चुना है, इसलिए अधिकारियों से कड़े सवाल पूछना उनका दायित्व है। हालांकि, पूरे संवर्ग पर एक साथ टिप्पणी किए जाने को लेकर अब बहस तेज हो गई है।

यह विवाद अब केवल एक शब्द तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच संवाद, सम्मान और जवाबदेही के संतुलन का विषय बन गया है। प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि विवाद का समाधान संवाद और संस्थागत सुधार के माध्यम से किया जाता है, तो यह भविष्य में बेहतर कार्यसंस्कृति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।