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धार्मिकबिलासपुर

०”वो क्या प्यार करेंगे औरत जिनकी खेती है” : धर्माचार्य दुर्गेश जी महाराज

०सनातनी बहन बेटियों को लव जिहाद से दूर रहने का किया आगाह

बिलासपुर। श्री शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा के पांचवें दिन कथावाचक धर्माचार्य दुर्गेश महाराज जी ने लव जिहाद के चक्कर में पढ़ने वाली बहनों को सतर्क करते हुए बंगला देश में हिंदू बहन बेटियों के साथ हो रहे अत्याचार , बलात्कार का उदाहरण देते हुए समझाया।

उन्होंने कहा कि “वो क्या प्यार करेंगे औरत जिनकी खेती है।” उन्होंने कहा कि आज लड़किया अपने मां बाप से लड़ झगड़ कर प्यार में चली जाती है कि मैं उस (अब्दुल) से बहुत प्यार करती हूं उसी से शादी करूंगी उसी के साथ जीवन बसर करूंगी लेकिन परिणाम क्या होता है? हमारी बहन बेटीयां बोरी और सूटकेश में भर कर वापस लाई जाती है। इसलिए लड़कियां इस इश्क विश्क के चक्कर में न पड़े।  सनातन धर्म में ही रहे और किसी सनातनी को ही अपना जीवन साथी चुने।

उन्होंने अपनी आज की कथा में बताया कि जब शिवजी ने हिमालय के घर विदा कराने पहुंचे तो मैना जोर-जोर से रोने लगी और कहने लगी आप मेरे पुत्री के हजारों दोषों को क्षमा कर देना।

कथा के माध्यम से धर्माचार्य दुर्गेश महाराज जी ने पति-पत्नी के गृहस्थ जीवन को लेकर कहा की पति और पत्नी को एक दूसरे को समझ कर चलना चाहिए। पत्नी को पति का आज्ञा का पालन करना चाहिए। तो वहीं पति को पत्नी का सम्मान करना चाहिए व हर काम में उनका पूरा सहयोग करना चाहिए तभी जीवन सुखमय रहेगा।

उन्होंने कहा कि आज के समय में भगवान शिव व राम जी के उपवास के दौरान उनसे अपना भौतिक सुख मत मांगिए, लोग उन्हें अपने दुख और तकलीफ को दूर करने का साधन मान बैठा है, कि धन मिल जाए या मेरा कष्ट दूर हो जाए यह सब नहीं मांगना चाहिए। लेकिन नाहक लोग पूजा पाठ को अपना दुख दूर करने का साधन मान बैठे हैं, लोगों के भाग्य में जो है वह भाग कर आएगा चाहे दुख हो या सुख हो।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि आप खुद का भला चाहते हैं तो संपूर्ण जीव का भला करें इसीलिए महापुरुषों ने कहा है कि कर भला सो हो भला।