
बिलासपुर। जिला अधिवक्ता संघ बिलासपुर के सचिव विनोद कुमार पाण्डेय ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सिटी मजिस्ट्रेट रजनी भगत एवं उनकी स्टेनो जूही सोम पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। संघ ने पूरे मामले की सूक्ष्म जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
जिला अधिवक्ता संघ के अनुसार, संघ के एक अधिवक्ता सदस्य ने लिखित शिकायत में बताया कि उनके पक्षकार रोहित कश्यप को थाना सिविल लाइन द्वारा धारा 151 के तहत 29 जनवरी 2026 को थाने में बैठाया गया था और 30 जनवरी 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया गया। अधिवक्ता द्वारा जमानत के लिए आवश्यक दस्तावेज, स्वयं का मुचलका एवं सक्षम जमानतदार के साथ आवेदन प्रस्तुत किया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि न्यायालय में पदस्थ स्टेनो जूही सोम ने अधिवक्ता से कहा कि “यहां केवल पैसा देने पर ही काम होता है” और जमानत के लिए 5000 रुपये की मांग की। आरोप है कि जब अधिवक्ता ने आपत्ति जताई और सिटी मजिस्ट्रेट से बात करने को कहा, तो स्टेनो द्वारा फोन पर चर्चा के बाद भी पैसों की मांग दोहराई गई।
संघ का कहना है कि रिश्वत नहीं देने पर सक्षम जमानतदार होने के बावजूद आरोपी को जेल भेज दिया गया। बाद में 31 जनवरी 2025 को 5000 रुपये देने के बाद रोहित कश्यप को जमानत मिलने का आरोप भी शिकायत में दर्ज है।
अधिवक्ता संघ ने यह भी उल्लेख किया है कि धारा 151 जमानतीय प्रकृति की है तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय Arnesh Kumar v. State of Bihar के अनुसार ऐसे मामलों में अनावश्यक गिरफ्तारी और जेल भेजने से बचने के निर्देश हैं।
जिला अधिवक्ता संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट एवं स्टेनो पक्ष से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।


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