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पीडब्लूडी कार्यपालन अभियंता के दफ्तर में कार्यालीन समय में ताला, अधिकारी के पास लोगों से मिलने का समय नहीं,सुशासन की खोखले दावे की खोलती पोल

बिलासपुर। जहाँ छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन त्यौहार मना रही है मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री,सांसद, विधायक और तमाम आला अधिकारी लगातार अपने क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं वहीं ये हैरान करने वाली तस्वीर कार्यालय कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक -1, बिलासपुर (छ. ग.) से निकल कर सामने आई है।

इस तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि सी. एस. विंध्यराज कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक-1,बिलासपुर के केबिन या कक्ष में ताला जड़ा हुआ है, दूसरी ओर बेशकीमती पर्दा और ऊपर कागज़ की तख्ती पर लिखा है कि बिना अनुमति के प्रवेश वर्जित है!

जानकार कहते हैं कि साहब…. कलेक्टर साहब के दरवाजे पर तो ऐसा नहीं लिखा है,ना ही ताला लगा होता है और आप कलेक्टर साहब से बड़े अधिकारी भी नहीं!

कायदे से तो आपके कक्ष के बाहर एक तख्ती पर आपके मुलाकात का समय और दिन लिखा होना चाहिए था साथ ही आपका मोबाईल नम्बर भी,लेकिन अफसोस कि आपके कक्ष पर जड़ा ताला और तख्ती पर बिना अनुमति प्रवेश वर्जित लिखा होना सरकार की कथनी और करनी में फर्क बतलाता है!

साहब दफ्तर के जिम्मेदार अधिकारी हैं लेकिन इनके दफ्तर के बड़े बाबू भी यह नहीं बतला पाए कि साहब कहाँ गए, कब आएंगे, और अपने कक्ष में 5 कार्यालयीन दिवस में कब आम जनता और अन्य लोगों से मुलाकात करेंगे! साहब हैं लेकिन ऐसा कुछ तय नहीं? ऐसे में सवाल तो खड़े होता है?

एक तरफ लोक निर्माण विभाग के सचिव अवकाश के दिन बिलासपुर जिले में हो रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे निरीक्षण भी किया और समीक्षा बैठक भी ली दूसरी ओर बिलासपुर लोक निर्माण विभाग (PWD) संभाग-01 के कार्यालय में आज प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गया!
ये भी कहा जा सकता है कि साहब का सरकारी दफ्तर ‘भगवान भरोसे’ चल रहा है?

PWD जैसे महत्वपूर्ण विभाग में, जहां बुनियादी ढांचों के विकास का जिम्मा है, वहां दफ्तर में अधिकारी के कक्ष में ताला बंद मिलना घोर प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। विभाग के बाहर लगी खाली कुर्सियां और बंद दरवाजा इस बात का प्रमाण हैं कि यहां जनता की सुनवाई के प्रति कितनी गंभीरता बरती जा रही है।

महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में कार्यपालन अभियंता का बिना किसी कारण के अनुपस्थित होना और कक्ष के दरवाजे पर ताला लटकना ‘सुशासन’ के दावों की पोल खोल रहा है।

जब साहब को कॉल कर मिलने का समय मांगा गया तो साहब अपना मिलने का समय ही नहीं बताए! शायद उनके पास कलेक्टर से ज्यादा काम है? आज कलेक्टर साहब से मुलाकात हो जाती है लेकिन इन साहब से मुलाकात कब होगी यह न वो बता पा रहे है न उनके कार्यालय का कोई कर्मचारी।

बहरहाल देखना होगा कि चंद कदमों की दूरी पर PWD के अधीक्षण अभियंता मंडल और मुख्य अभियंता परिक्षेत्र बिलासपुर का कार्यालय है जहाँ पदस्थ जिम्मेदार अधिकारी इस खबर को संज्ञान में लेकर क्या कुछ कदम उठाते हैं या नहीं!