बिलासपुर सेंट्रल जेल में खौफनाक वारदात: आजीवन कारावास काट रहे कैदी ने जलती भट्ठी में कूदकर दी जान, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
बिलासपुर। बिलासपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल उठ रहे है यह बुधवार की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार शाम जेल परिसर मे डबल मर्डर के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने गैसीफायर प्लांट की खौलती भट्ठी में छलांग लगा दी। हादसे में कैदी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने सायरन बजाकर आपात स्थिति की घोषणा की और जिले के आला अधिकारियों को सूचित किया।

मृतक की पहचान बम्हनीडीह, जिला जांजगीर-चांपा निवासी 46 वर्षीय राहुल उर्फ विकेश कंवर के रूप में हुई है। वह वर्ष 2014 से दोहरे हत्याकांड के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था। मिली जानकारी के अनुसार, घटना शाम लगभग 4:15 बजे की है। जेल परिसर में स्थित गैसीफायर प्लांट का उपयोग रसोई में खाना बनाने के लिए गैस तैयार करने में होता है। शाम को जब यह प्लांट चालू था और भट्ठी पूरी तरह गर्म थी, तभी राहुल अचानक वहां पहुंचा और किसी के संभलने से पहले ही जलती भट्ठी में कूद गया। वहां मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते या उसे रोक पाते, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की खबर मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह समेत पुलिस बल और एफएसएल की फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। हालांकि भट्ठी और मशीन अत्यधिक गर्म होने के कारण शव को तुरंत बाहर नहीं निकाला जा सका है। अधिकारियों के अनुसार, मशीन के पूरी तरह ठंडे होने के बाद ही शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद अन्य वैधानिक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
इस खौफनाक वारदात ने प्रदेश की सबसे हाई-सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि एक सजायाफ्ता कैदी गैसीफायर प्लांट जैसे बेहद संवेदनशील और खतरनाक इलाके तक बिना रोक-टोक के कैसे पहुंच गया। फिलहाल पुलिस, एफएसएल और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम आत्महत्या के कारणों, सुरक्षा में हुई चूक और जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के लिए विस्तृत जांच कर रही है। यह घटना छत्तीसगढ़ की जेल सुरक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा सबक साबित हो रही है।