
बिलासपुर ।श्री श्री सोलापुरी माता की पूजा पिछले 23 वर्षो से रेलवे परिक्षेत्र के 12 खोली चौक में किया जाता रहा है। हर वर्ष श्रद्धालु इस पूजा को बड़ी धूम धाम से करते है। दक्षिण भारतीय एवम तेलगु समाज के द्वारा आयोजित इस पूजा में खड़कपुर से आए कलाकारों द्वारा भव्य तरीके से गीली हल्दी से माता की 9 दिनो तक अलग अलग स्वरूप का निर्माण किया जाता है। पूजा भी खड़कपुर से आए पंडितो द्वारा विधि विधान से की जाती है। इस अवसर पर पूरा रेलवे परिक्षेत्र में त्यौहारनुमा माहोल होता है।

•आज महाकुंभम पूजा•
श्री श्री सोलापुरी माता पूजा के अवसर पर प्रतिदिन देवी को तरह-तरह का भोग अर्पित किया जाता है। भक्तों का मानना है कि प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा भोग अर्पण से देवी पूरी तरह तृप्त नहीं हो पाती। इसी कारण अंतिम दिन देवी को महाकुंभम का महा भोग अर्पित किया जाता है। इसके लिए 21 प्रकार के पकवान बड़े आकार में तैयार किए जाते हैं। साथ ही कई क्विंटल चावल, सब्जी आदि का भी भोग देवी के समक्ष अर्पित किया जाता है। विशाल महाभोग की ढेरी पर कपूर प्रज्वलित कर विशेष अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं इसे देखना भक्तों के लिए हर वर्ष रोमांचक अनुभव होता है।

•साई भास्कर के मकान से निकलेगी शोभायात्रा•
इस रविवार को भी देवी को महाकुंभम का भोग अर्पित किया जाएगा। इससे पहले आयोजन समिति के सचिव एस साईं भास्कर और उनकी पत्नी एस जयलक्ष्मी, जयंत कुमार, कुमारी एस दिशा के रेलवे स्टेशन कॉलोनी स्थित क्वार्टर से दुर्गा पंडाल के लिए शोभायात्रा निकलेगी। डफली, गाजे-बाजे, आतिश आतिशबाजी एवं काली नृत्य के साथ निकली शोभायात्रा में महिलाएं अपने सर पर 21 प्रकार के पकवानों की थाली लेकर पूजा पंडाल पहुंचेंगी, जहां देवी को महाकुंभम का भोग अर्पित किया जाएगा। दोपहर में आयोजन स्थल पर भोग भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जहां सभी श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाएगा।

•21 प्रकार के पकवानों की लगेगी माता को भोग•
चावल, सब्जी आदि का भी भोग देवी के समक्ष अर्पित किया जाता है। विशाल महाभोग की ढेरी पर कपूर प्रज्वलित कर विशेष अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं। इसे देखना भक्तों के लिए हर वर्ष रोमांचक अनुभव होता है। इस रविवार को भी देवी को महाकुंभम का भोग अर्पित किया जाएगा।
इससे पहले आयोजन समिति के सचिव एस साईं भास्कर और उनकी पत्नी एस जयलक्ष्मी, जयंत कुमार, कुमारी एस दिशा के रेलवे स्टेशन कॉलोनी स्थित क्वार्टर से दुर्गा पंडाल के लिए शोभायात्रा निकलेगी। डफली, गाजे-बाजे, आतिश आतिशबाजी एवं काली नृत्य के साथ निकली शोभायात्रा में महिलाएं अपने सर पर 21 प्रकार के पकवानों की थाली लेकर पूजा पंडाल पहुंचेंगी, जहां देवी को महाकुंभम का भोग अर्पित किया जाएगा। दोपहर में आयोजन स्थल पर भोग भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जहां सभी श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाएगा।

•आज माता की वापसी शोभायात्रा•
आयोजन के अंतिम दिन रविवार शाम को वापसी शोभायात्रा निकालकर देवी का विसर्जन किया जाएगा। इसके साथ ही यह आयोजन संपन्न होगा। एक बार फिर शोभायात्रा उसी रास्ते से गुजरेगी, जिस रास्ते से पिछले हफ्ते शुक्रवार को यह शोभायात्रा मा मरी माई मंदिर लोको कॉलोनी से पूजा पंडाल पहुंची थी।