फील ग्रुप के डायरेक्टर प्रवीण झा ने देखी “द केरला स्टोरी फिल्म”, ” अपने गलत इरादो से एक वर्ग के लोग एक वर्ग विशेष को टारगेट कर रहे है हमें उनके मंसूबे को कामयाब नही होने देना है” : प्रवीण झा

बिलासपुर । रामा मैग्नेटो मॉल में बुधवार देर शाम फील ग्रुप के डायरेक्टर प्रवीण झा ने “द केरला स्टोरी फिल्म” देखी।
फील ग्रुप डायरेक्टर प्रवीण झा ने इस फिल्म को देखने के बाद अपने अनुभव मीडिया से साझा करते हुए कहा कि “द केरल स्टोरी” फिल्म एक सबक है इसे हम सभी को देखना चाहिए। आज जिस प्रकार का देश में माहौल है, जो कुछ वर्ग के लोग कुछ वर्गो को टारगेट लेकर उसको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे है। हमारे यहां की लड़की एवम उनके अभिभावक सभी को इस फिल्म को देखनी चाहिए है। ताकि उसमे एक अवेयरनेस हो और जो गलत परम्परा चाहे वह केरला में हो या देश के किसी कोने में हो रही हो उस परंपरा को तोड़ना चाहिए। हमे किसी के बहकावे में नही आना चाहिए। आज कही पर इस फिल्म को बेन किया गया है। हम उस राज्य के मुख्यमंत्री से कहना चाहते है की वे अपने बच्चे को यह फिल्म एक बार जरूर दिखावे। ताकि उसमे भी एक अवॉर्नेस आए। क्या देश में कुछ लोग गलत इरादे से कुछ लोग अपने मकसद को अंजाम दे रहे है,उसे अपने मकसद ने कामयाब हमे नही होने देना है।

इस फिल्म का उद्देश्य ही यही है की कुछ वर्ग विशेष के गलत इरादे से किए जा रहे मंसूबों को रोकना और समाज की लड़कियों एवम उनके अभिभावकों में जागरूकता पैदा करना,ऐसी फिल्म को हर प्रदेश में टैक्स फ्री करना चाहिए ताकि बच्चे इस फिल्म को देखे और उन्हें कुछ सीखने को मिले।
कोई भी फ़िल्म समाज का आईना होती हैं, ये बात ना जाने कितनी बार और कितनी जगह कही गई हैं, लेकिन वर्तमान समय में ऐसे कुछ आइनों पर राजनीति की एक परत चढ़ती जा रही है, इसे राजनीति की इस परत से अलग करके देख पाना मुश्किल होता जा रहा है, लेकिन इस बार एक फ़िल्म का नाम चुनावी सभाओं में बार-बार दोहराया गया जिससे लोगोँ के मन में इस फिल्म को देखने का उत्सुकता जागी,सुदीप्तो सेन निर्देशित फ़िल्म ‘द केरला स्टोरी’, केरल की उन हिंदू महिलाओं की कहानी है जिन्हें धर्मांतरण के बाद सीरिया ले जाया गया।
फ़िल्म के ट्रेलर का एक डायलॉग कुछ यूं है- ‘ये एक ग्लोबल एजेंडा है. अगले 20 साल में केरल इस्लामिक स्टेट बन जाएगा? 05 मई को रिलीज होने के बाद से द केरल स्टोरी फिल्म विवादों से घिरी हुई है। भले ही कई राज्यों में फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग हो रही है, लेकिन कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जहां इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।