स्वदेशी संस्कार है, स्वदेशी से बड़ा देश भक्ति और कुछ नही :अरुण साव

बिलासपुर। स्वदेशी संस्कार है, स्वदेशी से बड़ा देश भक्ति और कुछ नही है। अगर वास्तव में आपको देश से प्यार है तो आपको स्वदेशी से प्यार करना होगा..उक्त बाते प्रदेश के नव नियुक्त उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शनिवार को स्वदेशी मेले के आयोजन में शामिल होने के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि बिलासपुर में लगातार स्वदेशी मेले का आयोजन होता रहा है, क्षेत्र के लोग बहुत समय से इसका इंतजार करते है। इस भव्य आयोजन से बिलासपुर की पहचान अब होने लगा है। आज हमारा देश विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। जो पिछले 10 सालो में नरेंद्र मोदी की सरकार के आत्मनिर्भर भारत के लिए किए गए कार्यों का नतीजा है। कि हम दुनिया के 5वे नंबर की अर्थव्यवस्था बन गए है। और आने वाले कुछ ही समय में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले हम बन जायेंगे। ये ताकत है आत्मनिर्भर भारत का स्वदेशी अपनाने का इक्कीसवी सदी भारत की सदी है, जिसके लिए भारत तैयार है, पूरी दुनिया का नेतृत्व करने के लिए।

एयू के कुलपति आचार्य दीनानाथ बाजपाई ने कहा कि स्वदेशी एक भावना है। स्वदेशी की भावना को लेकर ही भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की थी। हाल ही में प्रधानमंत्री ने कुलपति एवम राज्यपाल के एक सम्मेलन के दौरान कहा था की जब देश गुलाम था तो इसी स्वदेशी की भावना को लेकर पूरा देश एक जुट होकर आगे बढ़ा। आज हम विकसित भारत के अमृतकाल महोत्सव मना रहे है, 2047 को देश को आजादी के 100 साल पूरे हो जाएंगे। लेकिन उधार की पूंजी, उधार की योग्यता, उधार की तकनीकी से देश विकसित नही हो सकता। भारत यदि विकसित बनेगा तो स्वदेशी की भावना से बनेगा।


कार्यक्रम में अतिथि के रूप में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला,पूर्व सांसद लखन लाल साहू,रमन यूनिवर्सिटी कुलसचिव गौरव शुक्ला, बिलासपुर सराफा बजार एसोसिएशन अध्यक्ष कमल सोनी, समाज सेवी जवाहर सराफ,विपणन प्रबंधक सुब्रत चाकी, प्रफुल शर्मा,भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत, स्वदेशी मेले के संभागीय सयोजक डॉ. सुशील श्रीवास्तव,आयोजक अरुण दीक्षित,नीता श्रीवास्तव, लता गुप्ता आदि मौजूद रहे।

