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क्राइमबिलासपुर

सी.एम.डी कॉलेज में नवीन कानून -“दण्ड संहिता से न्याय संहिता की ओर” कानूनो पर कार्यशाला का हुआ आयोजन • कानून का उद्देश्य अपराधियों को सिर्फ दंडित करना ही नही होना चाहिए, अपितु पीड़ित को समय पर न्याय भी मिले – एसपी : राजनेश सिंह

बिलासपुर। जिला पुलिस द्वारा हाल ही में पारित भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के बारे में आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से सीएमडी कॉलेज में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती अर्चना झा, सीएमडी कॉलेज के अध्यक्ष संजय दुबे ,पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटरी क्लब एसपी चतुर्वेदी और अन्य प्रमुख लोग उपस्थित थे।

कार्यशाला का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि नए कानून देश की न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाएंगे।

पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि भारतीय दण्ड सहित – 1860 जो बहुत पुरानी अंग्रेज जमाने से चली आ रही थी उसे बदलते परिवेश के अनुसार संशोधित कर भारतीय न्याय संहिता किया गया है। क्योंकि कानून का उद्देश्य सिर्फ अपराधी को सिर्फ दंडित करना ही नही होना चाहिए मुख्य बात यह है कि पीड़ित व्यक्ति को समय पर न्याय भी मिले। इसी उद्देश को लेकर इस कानून में कुछ बदलाव किए गए है।

इसी प्रकार सीआरपीसी दंड संहिता को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता किया गया है,वही भारतीय साक्ष्य अधिनियम में भी संशोधन किया गया है। अब हमारा कानून व्यवस्था नए संशोधित कानून के अनुरूप 01 जुलाई से काम करना शुरुं कर देगा।

आज के इस कार्यशाला के आयोजन का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगो में नए कानूनों के बारे में जानकारी दे कर नए कानून के प्रति जागरूक करना है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती अर्चना झा ने कानूनों के प्रावधानों और उनके प्रभावों पर प्रकाश डाला, जिससे जनता को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक किया जा सके।

सीएमडी कॉलेज के अध्यक्ष संजय दुबे ने पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं नागरिकों को कानून की बेहतर समझ प्रदान करती हैं और उन्हें अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए सक्षम बनाती हैं। श्री दुबे ने कॉलेज के छात्रों और कर्मचारियों से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया और पुलिस विभाग के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

कार्यशाला के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने पुलिस अधिकारियों से नए कानूनों के संबंध में सवाल पूछे और विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आम जनता को नए कानूनों के बारे में सटीक जानकारी प्रदान करना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।