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क्राइमबिलासपुर

अवैध निर्माण की शिकायत करने वाले कांग्रेस नेता एवं उसके पुत्र से मारपीट,गाली गलौज, तारबाहर थाने ने किया आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

बिलासपुर। नगर निगम में अवैध निर्माण की शिकायत करने वाले कांग्रेस नेता से मारपीट, गाली गलौज एवं उसके पुत्र पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी के विरुद्ध तारबाहर थाने ने एफआईआर दर्ज की ।

(निर्माणाधीन दुकानें)

टेलीफोन एक्सचेंज रोड ,राजा होटल के सामने एसपी पांडेय के द्वारा नगर निगम की आंखों में धूल झोंकते हुए अवैध निर्माण की जा रही है। पांडेय बड़ी ही चतुराई से पहले तो विद्युत पोल 11 केवी एवं एल टी विद्युत लाइन को हटवाया। फिर धीरे से शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण कर दुकान बनाना शुरू कर दिया, जिसकी शिकायत कांग्रेस नेता श्याम कश्यप ने बिलासपुर नगर निगम से 21 .08 2024, 09.10.2024, 17.10.2024 एवं 28.10.2024 को किया था।

(आरोपी ने सिर को काटा)
(पीड़ित शिशिर कश्यप रिपोर्ट दर्ज कराते हुए)

जिस पर नगर निगम बिलासपुर द्वारा एसपी पांडेय को 3 बार नोटिस जारी कर नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 302 के तहत तत्काल भवन निर्माण कार्य बंद करने का आदेश देते हुए नोटिस मिलने के 03 दिवस के अंदर भू स्वामित्व संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने की बात कही थी। लेकिन उक्त व्यक्ति ने न ही नगर निगम अधिकारियों के समक्ष उपस्थित हुआ न कोई दस्तावेज प्रस्तुत किए।

(मारपीट का सीसीटीवी फुटेज)

जिस पर 19 दिसंबर 2024 को नगर निगम के अधिकारी अवैध निर्माण का मुआयना करने मौके पर पहुंचे हुए थे। वही नगर निगम के अधिकारी शिकायतकर्ता श्याम कश्यप से पूछताछ कर जानकारी ले रहे थे। इसी दौरान गिरीश पांडेय ने जबरदस्ती मेरी शिकायत करता है कहते हुए श्याम कश्यप से गाली गलौज और मारपीट करने लगा। वही बीच बचाव में पहुंचे उसके पुत्र शिशिर कश्यप को दांतों से काट कर सर को जख्मी कर दिया।

  जिसकी रिपोर्ट श्याम कश्यप के पुत्र शिशिर ने तारबाहर थाने ने दर्ज कराई है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर तारबाहर थाने ने आरोपी गिरीश पांडेय के विरुद्ध धारा बीएनएस 296,351(2),115(2) का मामला दर्ज किया है।

वही इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत एवं लापरवाही भी सामने आई है। शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण की बार बार शिकायत के बाद भी अधिकारी मामले को इतनी गंभीरता से नहीं लिया। जिससे आज शासकीय भूमि पर बिना भवन अनुज्ञा के कई दुकाने लगभग तैयार हो चुकी है । शिकायत के बाद भी अधिकारी सिर्फ नोटिस का खेल करते रहे जिससे मामला आज इतना बढ़कर थाने तक चली गई।

नगर निगम नोटिस
FIR COPY
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