
बिलासपुर। जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये की संगठित साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने विदेशी निवेश और डिमांड ड्राफ्ट क्लियरेंस के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से महंगी गाड़ियां, मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप भी जप्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार प्रकरण क्रमांक 180/2026 में नवीन जून (34 वर्ष), निवासी सोनीपत (हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया है, जो वर्तमान में बिलासपुर के देवरी खुर्द क्षेत्र में रह रहा था। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ऐसे रची गई करोड़ों की ठगी
मामले में प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जनवरी- फरवरी 2024 में उसे एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त हुआ। मैसेज भेजने वाले ने खुद को ब्रिटेन निवासी “डॉ. लोव्हीत” बताया और बाद में “ग्रेस डेविड” नामक महिला (स्कॉटलैंड निवासी) से संपर्क कराया।
महिला ने भारत में कैंसर अस्पताल, ब्लाइंड इंस्टिट्यूट, रियल एस्टेट और लॉ कॉलेज में करीब 500 करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दिया और प्रार्थी को पार्टनर बनाने का झांसा दिया। इसके बाद लगातार व्हाट्सएप और फर्जी ईमेल के जरिए संपर्क बनाए रखा गया।
डिमांड ड्राफ्ट के नाम पर ठगी
10 जून 2024 को महिला के भारत आने और स्कॉटलैंड बैंक से 103 करोड़ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट के क्लियरेंस के नाम पर प्रार्थी से पैसे मांगे गए। एंबेसी, बैंक, आरबीआई, कस्टम और प्रवर्तन निदेशालय की प्रक्रिया का हवाला देकर अलग-अलग बहानों से रकम ली जाती रही। इस दौरान प्रार्थी से पहले करीब 11.50 लाख रुपये और बाद में आरोपी के खाते में किस्तों में कुल 3 करोड़ 13 लाख 13 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
फर्जी ईमेल से बनाया जाल
जांच में सामने आया कि आरोपी नवीन जून ने खुद ही कई फर्जी ईमेल आईडी बनाकर खुद को बैंक, एंबेसी और अन्य संस्थाओं का अधिकारी बताकर प्रार्थी को भ्रमित किया। बैंकिंग प्रक्रिया की जानकारी का फायदा उठाकर आरोपी ने सुनियोजित तरीके से इस ठगी को अंजाम दिया।
महंगी गाड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक सामान जप्त
पुलिस ने आरोपी के पास से Thar और Venue कार, मोबाइल फोन, टैबलेट और लैपटॉप बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है। वह पहले बैंक में डायरेक्ट सेलिंग एजेंट के रूप में कार्य कर चुका है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी संभावना है। उनकी पहचान कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि विदेशी निवेश, लॉटरी या बड़े फंड ट्रांसफर के नाम पर आने वाले कॉल और मैसेज से सतर्क रहना बेहद जरूरी है।