रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले (Mahadev Betting App Scam) और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कसता जा रहा है। इसी सिलसिले में ईडी की टीम ने मशहूर स्पोर्ट्स प्रेजेंटर और टीवी होस्ट शेफाली बग्गा (Shefali Bagga) से रायपुर स्थित जोनल कार्यालय में कड़ी पूछताछ की है।
जांच के दौरान सामने आए मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
हवाला ऑपरेटर से कनेक्शन का शक: ईडी को संदेह है कि शेफाली बग्गा के तार इस पूरे घोटाले के मुख्य आरोपी और कुख्यात हवाला ऑपरेटर खंजन जगदीश कुमार ठक्कर से जुड़े हुए हैं। एजेंसी दोनों के बीच वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है।
बेटिंग ऐप्स का प्रमोशन और टिप्स देने का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि शेफाली बग्गा कथित तौर पर ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स के प्रचार-प्रसार (प्रमोशन) में शामिल थीं। इसके अलावा, वह एक टेलीग्राम चैनल के जरिए सट्टेबाजों और खिलाड़ियों को बेटिंग से जुड़े टिप्स भी मुहैया कराती थीं।
दो दिनों में 15 घंटे की कड़ी पूछताछ
ईडी के अधिकारियों ने शेफाली बग्गा को लगातार दो दिनों (गुरुवार और शुक्रवार) तक तलब किया। पहले दिन उनसे करीब 5 से 6 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए, वहीं दूसरे दिन जांच का दायरा बढ़ाते हुए करीब 9 घंटे तक मैराथन पूछताछ की गई।
आपका बता दे कि महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप घोटाला देश के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक बनकर उभरा है। इस मामले में अब तक कई बॉलीवुड सितारों, टीवी कलाकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के नाम सामने आ चुके हैं। ईडी इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इन हस्तियों को प्रमोशन के बदले मिले पैसों का स्रोत क्या था और क्या इसमें हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था।