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बिलासपुर

बिलासपुर: अस्पताल ने बनाया शव को ‘बंधक’ तो होगी कार्यवाही, CMHO ने दी सख्त चेतावनी!

बिलासपुर। बिलासपुर के तोरवा स्थित हरिओम मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में एक बेहद ही अमानवीय घटना सामने आई है, जहाँ अस्पताल प्रबंधन ने कोरिया जिले की एक गरीब आदिवासी महिला के शव को कथित तौर पर ‘बंधक’ बना लिया। यह मामला सामने आने के बाद जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शुभा गरेवाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिले के सभी निजी अस्पतालों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।


क्या है पूरा मामला?

खबरों के अनुसार, कोरिया जिले की एक गरीब आदिवासी महिला को इलाज के लिए हरिओम मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल, तोरवा में भर्ती कराया गया था। दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान महिला की मृत्यु हो गई। आरोप है कि इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने बकाया बिल का भुगतान न होने तक परिजनों को शव सौंपने से मना कर दिया। गरीब परिजनों द्वारा गुहार लगाए जाने के बावजूद अस्पताल ने शव को ‘बंधक’ बनाए रखा, जिससे परिजनों को भारी परेशानी और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।


CMHO ने लिया कड़ा संज्ञान, जारी किए निर्देश


इस अमानवीय घटना की जानकारी मिलने पर CMHO डॉ. शुभा गरेवाल ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है। आज, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बिलासपुर द्वारा एक आधिकारिक आदेश (क्रमांक/न.हो.ए./2026/9320) जारी किया गया है। यह आदेश बिलासपुर जिले के समस्त निजी नर्सिंग होम, अस्पताल और मेटरनिटी होम को संबोधित है।


जारी किए गए प्रमुख दिशा निर्देश:

आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विभिन्न समाचार पत्रों और शिकायतों के माध्यम से निजी अस्पतालों में उपचार के दौरान मरीज की मृत्यु के पश्चात् शव को सुरक्षित रखने और परिजनों को सौंपने में हो रही देरी व बंधक बनाए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। इस संबंध में निम्नलिखित दिशानिर्देश जारी किए गए हैं:

  1. शव को शीघ्र सौंपें: गैर-एमएलसी (Non-MLC) प्रकरणों में, निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु के पश्चात शव को शीघ्रातिशीघ्र मरीज के परिजनों को सौंप दिया जाए।
  2. MLC प्रकरण में तत्काल सूचना: एमएलसी प्रकरण में मृत्यु होने पर ‘डेथ मेमो’ के साथ संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल सूचना दी जानी चाहिए।
  3. शव रखने की सम्मानजनक व्यवस्था: अपने स्वास्थ्य संस्थान में शव को सुरक्षित स्थान पर सम्मानजनक तरीके से और पृथक रूप से रखने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
  4. शव रखने के लिए फ्रीजर अनिवार्य: शव को सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल परिसर में फ्रीजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
  5. शव न लेने पर 24 घंटे में शासकीय मर्चुरी शिफ्ट: यदि परिजनों द्वारा किसी कारणवश शव प्राप्त करने में विलंब होता है, तो ऐसी स्थिति में 24 घंटे के भीतर पुलिस विभाग के सहयोग से शव को शासकीय चिकित्सालय की मर्चुरी में सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
  6. बंधक बनाने की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई: इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि किसी भी परिस्थिति में शव को ‘बंधक’ न बनाया जाए। ऐसी कोई भी शिकायत मिलने पर अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश

CMHO डॉ. गरेवाल ने उपरोक्त दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी अस्पतालों को निर्देशित किया है। इस आदेश की प्रतिलिपि संचालक (स्वास्थ्य सेवायें, नवा रायपुर), कलेक्टर एवं पर्यवेक्षी प्राधिकारी (क्लीनिकल स्थापना अधिनियम, बिलासपुर), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (जिला बिलासपुर), और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी सूचनार्थ और आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।

FIR की मांग

इस घटना के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित कांग्रेस नेताओं ने हरिओम मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ एफआईआर करने की मांग जिला प्रशासन से की है। वही आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस अमानवीय कृत्य की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की है।