
बिलासपुर : जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह द्वारा जिले को नशा मुक्त बनाए के उद्देश्य से नशे एवम अपराध के खिलाफ निजात अभियान चलाया जा रहा है ताकि नशे के खिलाफ व्यापक जन जागृति फैलाई जाय एवम अवैध नशे के कारोबारियों के ऊपर कार्यवाही कर उन्हे जेल भेजा जा सके ।
लेकिन पुलिस विभाग के कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों की वजह से इस अभियान की आलोचन हो रही है जो इस अभियान के आड़ में पैसे की उगाही कर रहे है।
हाल ही में एक मामला सामने आया है जो कि ग्राम कुआरीमुडा,थाना कोटा का बताया जा रहा है जिसमे प्रार्थी ने अपनी पीड़ा बताते हुए उच्च अधिकारियों से निवेदन कर भ्रष्टाचारी सिपाहियो के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की है।
उन्होंने बताया है की उनके पिता जी विकलांग है जिनके हाथ – पैरो में लगातार दर्द बना रहता है, जो शाम शाम को थोड़ी सी शराब पी लेने से उन्हें दर्द से थोड़ी राहत मिल जाती थी । जिसके लिए 2,3 पाव शराब वह किसी व्यक्ति से मंगवा कर घर पर रखा हुआ था। और शराब लेकर आने वाले ने उसमे से पीने के लिए थोड़ी सी मांग कर वही पी रहा था। इतने में पुलिस वहा पहुंच गई और उन्हे उठा कर थाने ले गए। जन्हा 2- 3 घंटे बिठाए रखने के बाद उनसे 70 हजार रूपयो की मांग करने लगे अंत में 50 हजार देने पर उसे छोड़ा गया। यह 50 हजार रुपए वह 4 प्रतिशत ब्याज मे किसी अन्य से लेकर दिया है ।
पीड़ित व्यक्ति ने मीडिया के माध्यम से पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से अपनी गुहार लगाई है ,और कहा है कि येसे भ्रष्ट पुलिस कर्मचारियों पर तत्काल कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए ।