छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन का हड़ताल आज 22वे दिन भी जारी, स्वास्थ्य विभाग के RHO ,नर्सेस, डॉक्टर्स बड़ी संख्या में है शामिल

रायपुर। “आज तू बिखरा है ,एक रोज तू निखरेगा, ढला है जो आज सूरज कल फिर निकलेगा” ……ये लाइने छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन के उन जांबाज हड़ताली साथियों पर फिट बैठती है जो धूप की तपिश ,पानी की बौछारों के बीच तूता के धरना स्थल स्थल में अनवरत 22 दिन से डटे हुए है ,न निलंबन न बर्खास्तगी की कार्यवाही उनके मजबूत हौसलों को डिगा सकी है ।
5000 से अधिक ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजको , डॉक्टरों , नर्सो पर कार्यवाही हो चुकी है फिर भी कोई आमरण अनशन पर है तो कोई अपनी आवाज हड़ताल पर बुलंद कर रहे है।
इस पर बात करने पर छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन के पदाधिकारी डॉ इकबाल हुसैन , टार्जन गुप्ता , डाक्टर रीना राजपुत , सुमन शर्मा , आदि ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि चुनावी साल में विपक्ष के नेता हमारे धरना स्थल पर आकर हमारी मांगो को जायज ठहरा रहे है और अपनी घोषणा पत्र में शामिल करने का आश्वासन दे रहे है तो दूसरी तरफ सरकार हमारी 5 सूत्रीय मांगों को अनसुना करते हुए कार्यवाही कर रही है जिसकी वजह से 22 दिन से अनवरत हड़ताल जारी है और जब तक मांगे पूरी नही होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा और हम इसी धरना स्थल से सोई हुई सरकार को जगाने का प्रयास करते रहेंगे ज्ञात हो कि 5 सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से वेतन विसंगति , कोरोना भत्त्ता , अतिरिक्त कार्य दिवस का भुगतान ,आईएचपीएस सेटअप के तहत भर्ती ,डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टॉफ पर अस्पतालों में होने वाली हिंसात्मक गतिविधियों में रोक लगाना शामिल है।|