ग्राम पंचायत ने जारी किया जमीन से बेदखली का आदेश, आदेश न मानने पर पंचायत ने किया बातचीत एवम हुक्का-पानी बंद,पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

बिलासपुर। ग्राम पंचायत वर्षो से काबिज परिवार के मकान को तोड़ कर जमीन से बेदखली का आदेश पारित कर दिया है। जिससे काबिज परिवार के ऊपर आर्थिक संकट के साथ कई विपदाये एक साथ आ खड़ी हो जा रही है। जिससे परेशान हो कर काबिज परिवार अब कलेक्टर का दरवाजा खटखटा कर न्याय की गुहार लगाई है।
मस्तूरी तहसील क्षेत्र के ग्राम सुलिनो निवासी गोविन्द पिता रामसेवक, देवकरण, पिता रामसेवक एवं जीवन पिता रामसेवक, देवनारायण पिता रामचरण, सभी निवासी ग्राम सुलीनों में स्थित खसरा नम्बर 1072/2 एवं 123/1 की भूमि स्थित है, उक्त भूमि पूर्व में हमारे पूर्वजों के नाम से अभिलिखित था, जिस पर वे लोग काबिज होकर आधिपत्य में चले आ रहे थे. जिसके कारण विगत 15-20 वर्षों से कुछ अंश पर मकान बनाकर एवं कुछ अंश पर खेत स्थित था, जिसमें उनके द्वारा कास्तकारी कर धान की फसल एवं सब्जी उगाया जाता था और निर्मित किये गये मकान पर अपने परिवार सहित निवास करते चले आ रहे है। दिनांक 07.06.2023 को उक्त भूमि पर लगे फसल एवं सब्जी को ग्राम पंचायत सुलीनी के पदाधिकारियों एवं ग्रामवासियों के द्वारा धान के फसल एवं सब्जी को जानवर से चराई कराकर नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे वे फसल से वंचित होकर आर्थिक क्षतियों का सामना करना पड़ जायेगा ।
उन्होंने बताया कि दिनांक 27.09.2023 को ग्राम पंचायत सुलीनी के द्वारा नोटिस हम लोगों को प्रदान किया गया है, जिसमें 07 दिवस के अंदर मकान तोड़ने की अवधि निर्धारित की गई है, मकान नहीं तोड़ने पर सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया है. ग्राम पंचायत / ग्राम वासियों के द्वारा हम लगी से बातचीत, हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है, जिससे हम लोगों निवास करना दूभर हो गया है, एवं मकान तोड़ दिए जाने से हम लोग अपने घर से बेगर हो जायेंगे और हमारे एवं परिवार के सामने आवास हेतु गम्भीर समस्या उत्पन्न हो जायेगा, तथा छोटे-छोटे बच्चे जो वर्तमान में स्कूल में शिक्षारत है, उक्त ग्राम के स्कूल के शिक्षा से वंचित हो जायेंगे, हमारे बच्चों से ग्रामवासियों के बच्चों के द्वारा कोई बातचीत नहीं किया जा रहा है, जिससे बच्चों की मनोस्थिति पर विपरीत प्रभाव पड रहा है।
ग्राम पंचायत सुलानी के द्वारा दिनांक 17.09. 2023 के सूचना पत्र का हम लोगों के द्वारा दिनांक 01.10-2023 को कण्डिकावार जवाब प्रस्तुत किया गया है, लेकिन ग्राम पंचायत सुलीनी उप सरपंच के द्वारा जवाब के कण्डिका के अभिवचन को अमान्य कर दिया गया है और पुनः दिनांक 05.10.20023 को नोटिस प्रेषित किया गया है, जिसमें ग्राम पंचायत सुलानी के द्वारा मकान तोड़ने एवं अन्य कार्यवाही करने हेतु सूचना दी गई है, जबकि शासन के द्वारा ग्राम वासियों को निवास हेतु आवास प्रदान किया जा रहा है, और ग्राम पंचायत सुलीनी के द्वारा हम लोगों को घर से बेघर किया जा रहा है।