बिलासपुर नगर निगम द्वारा साइंस कॉलेज मैदान में रावण दहन को लेकर कांग्रेस की आपत्ति, 20 लाख के टेंडर पर उठाए सवाल
बिलासपुर। साइंस कॉलेज मैदान, सरकंडा में दशहरा उत्सव के अवसर पर नगर निगम द्वारा प्रस्तावित रावण दहन कार्यक्रम को लेकर जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिस मैदान में पिछले कई वर्षों से एक समिति द्वारा दशहरा उत्सव और रावण दहन का आयोजन किया जाता रहा है, वहां समिति से चर्चा किए बिना नगर निगम द्वारा अलग से 20 लाख रुपये का टेंडर जारी किया जाना उचित नहीं है।

इस मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा ने शनिवार दोपहर कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता आयोजित कर नगर निगम के निर्णय पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में समाचार पत्र में साइंस कॉलेज, सरकंडा में दशहरा उत्सव के लिए नगर निगम द्वारा करीब 20 लाख रुपये का टेंडर जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सुधांशु मिश्रा ने कहा कि पिछले कई वर्षों से उनकी समिति द्वारा इसी स्थान पर दशहरा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, इसलिए कार्यक्रम में होने वाले खर्च का उन्हें व्यावहारिक अनुभव है। उनके अनुसार करीब 65 हजार रुपये में रावण का पुतला, लगभग एक लाख रुपये में टेंट व लाइटिंग तथा करीब एक से डेढ़ लाख रुपये में आतिशबाजी की व्यवस्था हो सकती है। इस तरह लगभग 3 से 3.5 लाख रुपये में कार्यक्रम बेहतर तरीके से आयोजित किया जा सकता है। ऐसे में नगर निगम द्वारा 20 लाख रुपये का टेंडर निकाला जाना समझ से परे है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर पहले से ही समिति द्वारा वर्षों से रावण दहन का आयोजन किया जा रहा है, वहीं नगर निगम द्वारा इतनी बड़ी राशि खर्च कर अलग से कार्यक्रम आयोजित करना जनता के पैसों के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम को शहर में रावण दहन का आयोजन करना ही है तो ऐसे स्थान का चयन किया जाना चाहिए, जहां आसपास इस तरह का आयोजन नहीं होता और लोगों को दूर जाकर कार्यक्रम देखने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
मिश्रा ने कहा कि नगर निगम की राशि आम जनता से जुड़ी बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर खर्च की जा सकती है। ऐसे में पहले से आयोजित हो रहे कार्यक्रम पर 20 लाख रुपये खर्च करने का निर्णय क्या उचित है?
पूर्व महापौर ने MIC में प्रस्ताव पारित कराने की रखी मांग
प्रेसवार्ता में पूर्व महापौर रामशरण यादव ने कहा कि नगर निगम की ओर से रावण दहन की परंपरा पूर्व महापौर विजय पांडेय के कार्यकाल में शुरू हुई थी। उस समय नगर निगम की MIC में प्रस्ताव पारित कर यह तय किया गया था कि शहर के पुलिस ग्राउंड में नगर निगम द्वारा रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित की जाएगी एवं वर्तमान विधायक द्वारा रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। जो परंपरा वर्षों से निरंतर जारी है।
उन्होंने कहा कि यदि इस वर्ष शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर नगर निगम की ओर से रावण दहन कराने की योजना है, तो पहले इसे विधिवत MIC में प्रस्ताव पारित कर लागू किया जाना चाहिए।
समिति और पार्षदों की सहमति जरूरी : विजय पांडेय
पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांडेय ने भी कार्यक्रम को लेकर प्रक्रिया का पालन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि रावण दहन के प्रस्ताव को विधिवत MIC और सामान्य सभा में पारित कराने के बाद ही कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर वर्षों से समिति द्वारा दशहरा उत्सव आयोजित किया जा रहा है, वहां के पार्षदों और आयोजन समिति से चर्चा कर उनकी सहमति लेना जरूरी है। इससे आपसी सद्भाव बना रहेगा और किसी तरह का विवाद भी उत्पन्न नहीं होगा।