
रायपुर : प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बिलासपुर नगर निगम के महापौर रामशरण यादव के द्वारा एक वायरल ऑडियो में पार्टी के एक बड़े पदाधिकारी के खिलाफ अर्नगल बातें कहने पर पार्टी ने उस पर अनुशासनहीनता की कार्यवाही करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है।
दरअसल एक दिन पहले उन्हें पार्टी संगठन के खिलाफ अर्नगल वार्तालाप करते हुए पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण नोटिस जारी कर 24 घंटे के अंदर उससे जवाब मांगा गया था। लेकिन संतोष जनक जवाब प्राप्त नही प्राप्त होने पर अंततः महापौर रामशरण यादव को आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है।
आपको बता दे कि बुधवार को पूर्व कांग्रेसी विधायक अरुण तिवारी ने एक निजी होटल में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए एक ऑडियो महापौर रामशरण के साथ हुई बातचीत की जारी किया था। जिसने कांग्रेस के प्रभारी पर पैसे लेकर टिकट देने के बड़े ही गंभीर आरोप लगाते हुए बातचीत सामने आई थी ।
वायरल ऑडियो में टिकट न मिलने का महापौर का दर्द भी बयां किया गया है। जिसमे उन्होंने कहा था कि LIB रिपोर्ट में मैं जीत रहा था । सभी सर्वे में मैं मेरिड में था लेकिन फिर भी मुझे टिकट नही दी गई। जब टिकट इसी तरह ही बांटना है तो फिर सर्व कराने का क्या मतलब है। शहर विकास को लेकर ओडियो में विधायक पर भी कई आरोप लगाए गए थे।
इस ऑडियो के सामने आने के बाद पीसीसी ने इस पूरे मामले को बड़ी ही गंभीरता से लेते हुए। तत्काल महापौर रामशरण यादव को नोटिस जारी कर 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन जब जवाब से पीसीसी संतुष्ट नही हुए तो उन पर पार्टी के खिलाफ अर्नगल बातचीत करने के आरोप में अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया।
