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प्रेस कॉन्फ्रेंसबिलासपुर

• प्रदेश सरकार अपनी नाकामी को छुपाने विपक्ष के नेताओं को परेशान कर रही है •बलौदा बाजार आंदोलन में भाजपा के जिलाध्यक्ष सनम जांगड़े सहित अन्य भाजपा नेताओं की भूमिका की जांच हो : अटल श्रीवास्तव

बिलासपुर। भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की बलौदा बाजार घटना के मामले में हुई गिरफ्तारी को लेकर आज कांग्रेस पार्टी ने प्रेस वार्ता कर कहा कि प्रदेश सरकार अपनी नाकामी को छुपाने विपक्ष के नेताओं को परेशान कर रही है।

कांग्रेस भवन में प्रेस वार्ता कर कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव एवं तखतपुर के पूर्व विधायक रश्मि सिंह ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि की लोगो के आमंत्रण में जाना पड़ता है। देवेंद्र यादव एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष एवं युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव रहे । वे सिर्फ भिलाई विधायक ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश के नेता है , इस नाते वे बलौदा बाजार में सतनामी समाज के लोगो के आमंत्रण में अपना समर्थन देने पहुंचे थे लेकिन सामाजिक कार्यक्रम होने के कारण न वे मंच पर जाकर भाषण दिये और न ही कलेक्टर ऑफिस के अंदर प्रदर्शन में शामिल हुये। वे भीड़ में मात्र पांच मिनिट तक रुक कर वापस आ गये थे।

कही भी किसी हिंसक घटना में उनके संलिप्तता का कोई भी साक्ष्य नहीं है न ही वे किसी भी प्रकार की घटना में शामिल थे। लेकिन फिर पुलिस भी ने उनको 20 गंभीर धाराएं के तहत गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है जो राजनीतिक से प्रेरित और पूरी तरह से गलत है। जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है।

कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने कहा कि पुलिस बताये किन भाजपा नेताओं को नोटिस दिया, किनसे पूछताछ की गयी। न्याय संगत कार्यवाही होनी चाहिये। भाजपा सरकार का चरित्र और व्यवहार 8 माह में ही अलोकतांत्रिक हो गया है। पत्रकारों को गलत तरीके से फंसाने उनकी गाड़ी में गांजा रखा जाता है। विपक्ष के विधायक को झूठे मुकदमे में फंसा कर गिरफ्तार किया गया।बलौदा बाजार के मामले में सतनामी समाज और कांग्रेस के लोगों को चिन्हांकित करके उनको जेलों में डाला गया। कांग्रेस भाजपा सरकार के इस चरित्र से डरने वाली नहीं। इस प्रकार के कृत्यों से हमारा कार्यकर्ता और मजबूती से सरकार के खिलाफ जनता की आवाज उठायेगा। बलौदा बाजार में हुई आगजनी की भयावह घटना शासन प्रशासन की बड़ी लापरवाही व सरकार की इंटेलीजेंट के फैल हो जाने के कारण हुई। समय रहते सरकार व प्रशासन सचेत हो जाता व समाज के द्वारा सीबीआई जांच की मांग को पूर्व में ही मान लेता तो प्रदेश को शर्मसार करने वाली घटना से बचा जा सकता था।

कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने कहा कि पूरी घटना के लिये प्रदेश की भाजपा सरकार दोषी है। लचर कानून व्यवस्था और प्रशासन की निरंकुशता व लापरवाही से बलौदाबाजार में सतनामी समाज के आंदोलन में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ हुई और इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया, जिसके लिए प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह दोषी है। साथ सरकार की अकर्मण्यता के चलते ही बलौदा बाजार में कानून व्यवस्था बिगड़ी है। यदि समय रहते जैतखम को क्षति पहुंचाने वालों पर कार्यवाही की गई होती और आहत समाज से संवाद किया गया होता तो ऐसी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होती। धार्मिक भावनाएं आहत होने पर आंदोलित समाज को विश्वास में लिया गया होता तो ऐसे विध्वंसक प्रतिक्रिया नहीं होती।

इस पूरे आंदोलन में भाजपा के जिलाध्यक्ष सनम जांगड़े सहित अन्य भाजपा नेताओं की भूमिका की जांच हो। धरना प्रदर्शन को कलेक्टर से परमीशन दिलाने वाला कौन था? रैली में आने वाले हजारों लोगों के लिये भोजन, मंच, पंडाल, माईक के लिए रूपयों की व्यवस्था किसने किया?इतनी बड़ी घटना के बाद भड़काऊ भाषण देने वाले की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? नागपुर से 250 से अधिक लोग आये थे वो कौन थे?सरकार ने उन पर नजर क्यों नहीं रखा था? रैली की शुरुआत से ही उपद्रव शुरू हो गया था उसके बावजूद लोगों को कलेक्ट्रेट क्यों जाने दिया गया?भीड़ को रोकने की कोशिश क्यों नहीं हुई? आम जनता के वाहन जलाये जा रहे थे, लोगों को दौड़ा कर पीटा जा रहा था तब पुलिस कहां थी?एसपी किसके इशारे पर शांत बैठे हुये थे? घटना को रोकने के बजाय पलायन क्यों कर गये?

इस प्रेस वार्ता में अभय नारायण राय, राजेंद्र शुक्ला, राकेश शर्मा, जावेद मेमन,समीर अहमद, ऋषि पांडेय, आदि उपस्थित रहे।