छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल पर उठा संवैधानिक विवाद, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने राज्यपाल को लिखा पत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार पर संवैधानिक विवाद खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मंत्रियों की संख्या पर आपत्ति जताई है और एक मंत्री को पद से हटाने की मांग की है।
श्री महंत ने अपने पत्र में कहा है कि 20 अगस्त 2025 को तीन नए मंत्रियों ने शपथ ली, जिसके बाद मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 14 हो गई है। जबकि छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं और संविधान के अनुच्छेद 164 (1 क) के अनुसार मंत्रिपरिषद की संख्या विधानसभा सदस्यों के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती।
सविधान की सीमा का उल्लंघन
श्री महंत ने तर्क दिया है कि 90 का 15 प्रतिशत 13.50 होता है। यानी मंत्रियों की संख्या मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 13 तक सीमित रहनी चाहिए। वर्तमान में मंत्रियों की संख्या 14 है, जो संविधान के प्रावधान से अधिक है।
राज्यपाल से कार्रवाई की मांग
पत्र में महंत ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि मंत्रियों की संख्या संवैधानिक सीमा में लाने के लिए 14 मंत्रियों में से एक को पद से हटाने का निर्णय लिया जाए, ताकि संविधान का पालन सुनिश्चित हो सके।
इस पत्र के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि राज्यपाल इस संवैधानिक मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं।
देखिए लिखा गया पत्र….

