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बिलासपुर

बिजली बिल में बढ़ोतरी को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी का जंगी  प्रदर्शन

बिलासपुर।  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ( ग्रामीण /शहर ) द्वारा आज 06 अक्टूबर को तिफरा में बिजली कार्यालय का घेराव किया गया। घेराव के पूर्व कांग्रेसजन कांग्रेस भवन में एकत्रित हुए , बिल्हा ,तिफरा, तखतपुर, बिलासपुर शहर, बेलतरा ,सिरगिट्टी, मस्तूरी , सेबड़ी संख्या में कांग्रेसजन , सेवादल, महिला, कांग्रेस, युवा कांग्रेस,एनएसयूआई सहित मोर्चा,विभाग, प्रकोष्ठ के पदाधिकारी शामिल हुए।

बिजली कार्यालय तिफरा के पास सुबह 11.00 बजे से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात थी। लगभग  डेढ़ बजे कांग्रेसजन कांग्रेस भवन से कार, बाइक और स्कूटर में बैठकर बिजली कार्यालय के घेराव के लिए नारे लगाते हुए  निकले। कांग्रेसियों के हाथों में नारे वाली तख्ती थी ,जिसमे नारे लिखे हुए थे ” बिजली बिल में बढ़ोतरी बन्द बन्द करो,बस्तर ,जशपुर ,सरगुजा बचाना है। विष्णुदेव और भाजपा को भागना है।। ” छत्तीसगढ़ की यही पुकार ।नही चाहिए भाजपा सरकार ।।400 यूनिट बिजली बिल हाफ करना होगा।।विष्णुदेव सरकार होश में आओ, बिजली दर कम करना होगा -करना होगा, गरीब जनता को लूटना बन्द करो –बन्दकरो,  जैसे नारे लगाते हुए कांग्रेसजन पहुंचे ।

बिजली कार्यालय पहुंचने के पहले से ही मुख्य गेट पर ताला जड़ा हुआ था ,गेट के अंदर और बाहर  सीएसपी ,टीआई तैनात थे ,जबकि गेट पर सिपाही ,महिला पुलिस लगे हुए थे, कांग्रेसजन गेट में पहुंच कर नारे लगाते रहे, कुछ उत्साही गेट पर चढ़ने के लिए उतारू थे, लगभग डेढ़ घण्टे तक कांग्रेसजन गेट के बाहर नारेबाजी करते रहे।फिर अचानक गेट को पार करते हुए बड़ी संख्या में कांग्रेसजन नारे लगाते हुए बिजली कार्यालय परिसर में प्रवेश कर गए ,पुलिस कांग्रेसियों को रोकने के लिए भरपूर कोशिश करती रही ,पर कांग्रेसजन इतने जोश में थे कि मुख्य कार्यालय के सामने जाकर धरने में बैठ गए , पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य कार्यालय के सामने ताले लगाकर गेट पर डटी रही किन्तु कांग्रेसजन शांति पूर्ण आंदोलन करते रहे , भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव के खिलाफ नारे लगाते रहे ।


लगभग डेढ़ घण्टे तक नारे बाजी करने के बाद , ज़िला अध्यक्ष ग्रामीण विजय केशरवानी और शहर अध्यक्ष विजय पांण्डेय के नेतृत्व में एक बार फिर कांग्रेस जन तालेबंदी के लिए मुख्य कार्यालय की ओर कुच करने लगे ,जिससे पुलिस में अफरातफरी की स्थिति निर्मित हो गई,  पुलिस और कांग्रेसियों के बीच बहस बाज़ी होने लगा ,जबकि बिजली विभाग के अधिकारी अम्बष्ट साहब और जांगड़े साहब  वही उपस्थित थे।फिर कांग्रेसजनों ने सांकेतिक तालेबंदी के रूप में अम्बष्ट साहब को एक ताला भेंट किया गया और ज्ञापन सौपे गए ।


ज़िला कांग्रेस कमेटी  ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी,शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, पूर्व विधायक सियाराम कौशिक ,पूर्व मंडी अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला, पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक, ऋषि पांण्डेय, जावेद मेमन, लक्ष्मीनाथ साहू ने ज्ञापन सौपा और कहा कि 21 वी सदी में बिलासपुर सहित छत्तीसगढ़  की जनता 19 वी सदी में जीने को मजबूर है ,बिजली गुल है ,और  बिजली बिल बढ़ी हुई आ रही है ,मिट्टी तेल बाजार से गायब है फिर जनता क्या करे? विष्णुदेव सरकार ने दीया तले अंधेरा कर दिया है ।


ज़िला कांग्रेस कमेटी  ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादक राज्यो में अग्रणी है ,जहां से कई राज्यो को बिजली बेची जाती है, किन्तु इस प्रदेश की जनता का दुर्भाग्य है कि  छत्तीसगढ़ में बिजली दरें  अन्य राज्यो के बराबर है या अधिक है, जो राज्य खरीद कर बिजली देते है,उन राज्यो में भी अपने उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध करा रहे है।छत्तीसगढ़ के जल,जंगल,जमीन उद्योगपतियों के नाम कर दिया गया, पर उसका लाभ छत्तीसगढ़ की जनता को नही मिल रहा है,पर्यावरण दूषित हो रहा है, बिजली घण्टो घण्टो गुल रहती है,  फिर भी बिजली बिल हजारों में आ रहा है, बिजली दरें बढ़ रही है, बिजली विभाग लाभ देने वाला विभाग है  फिर भी बिजली दर लगातार बढ़ाया जा रहा है, डेढ़ वर्ष में चौथी बार दर वृद्धि हुई है, सरप्लस बिजली वाले राज्य में दर क्यो बढ़ रहा है ?


विजय केशरवानी ने कहा कि बिजली विभाग बड़े बड़े उद्योगों से करोड़ो रुपये के बिजली बिल बकाया है, सरकारी विभागों में बिजली बिल बकाया है उसे वसूलने में विभाग गम्भीर नही है और उसकी भरपाई गरीब जनता के जेब मे डाका डालकर कर रहा है।


विजय केशरवानी ने कहा कि पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के समय इतनी बिजली गुल नही होती थी पर आज थोड़ी सी हवा की झोंके से , थोड़े बरसात से बन्द हो जाती है ,इससे लगता है कि बिजली विभाग जानबूझ कर  बिजली बन्द करती है और बिजली उद्योगों को आपूर्ति कर रही है
जनता के साथ धोखा है छलावा है।


विजय केशरवानी ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार शिकायतें आ रही है ,स्मार्ट मीटर में बिजली बिल बेतहाशा बढ़ी हुई दी जा रही है ,एकल कनेक्शन वालो को हजारों में बिल दिया जा रहा है, आज छत्तीसगढ़ में महंगाई से भी ज्यादा भयावह स्थिति बिजली बिल की है।


शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि जब केंद्र और राज्य सरकारें उद्योगपति के साथ खड़ी है ,फिर जनता की सुध कौन लेगा ? छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश है, जहां योजनाबद्ध विकास कर के एक खुशहाल राज्य बनाया जा सकता है किंतु भाजपा ने पृथक राज्य के स्वप्न द्रष्टा डॉ खूबचन्द बघेल ,ठाकुर प्यारेलाल, पण्डित सुंदर लाल शर्मा  व अन्य सेनानियों की सोच के विपरीत कार्य कर रही है ,आदिवासी मुख्यमंत्री होते हुए भी आदिवासियों के अधिकारों को संरक्षण न कर पाना दुर्भाग्य जनक है,
कांग्रेस की भूपेश सरकार ने ग्रामीण जीवन आधारित योजनाओं से ग्रामीण उत्थान के लिए प्रयास किया ,और ग्रामीण रोजगार पर जोर दिया ,भूपेश सरकार ने जनता ,किसान और छोटे उद्यमियों को ध्यान रखते हुए 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल लागू किया,उसे भी विष्णुदेव ने समाप्त कर दिया।


भूपेश सरकार ने किसानों को पर्याप्त बिजली दी , और पांच वर्षों में कोई बढ़ोत्तरी नही की गई,बिजली विभाग में पोस्ट खाली है, मेन्टेन्स करने के लिए कर्मचारी नही है, खम्भे पुराने है, ओवरलोड है विभाग के पास लगाने के लिए ट्रांसफार्मर नही है, संसाधनो में जबरदस्त कमी है,छत्तीसगढ़ में पर्याप्त कोयला होते हुए भी बाहर से कोयला ख़रीदने के लिए कम्पनियों को बाध्य किया जा रहा है ,जिससे भी बिजली दरों में बढ़ोतरी हो रही है, भोलीभाली जनता महंगाई से जूझ रही है उसमें बिजली बिल में वृद्धि और परेशान किया जा रहा है । यही भाजपा का असली चेहरा है ,नाम लो गरीबो का काम करो अमीरों का।

घेराव में शहर  ज़िला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजय पांण्डेय, ज़िला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी, पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, पूर्व मंडी अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला,पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक, राजेन्द्र साहू,पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन,रविन्द्र सिंह,पंकज सिंह,देवेंन्द्र सिंह,विश्वम्भर गुलहरे ,शिवा मिश्रा,जितेंद पांण्डेय,राकेश शर्मा,ऋषि पांण्डेय,समीर अहमद, जावेद मेमन,लक्ष्मीनाथ साहू,विनोद साहू, मोती ठारवानी,राजू यादव,मोह अयूब, शिल्पी तिवारी ,सतकली बावरे,अंजू सोनी, अन्नपूर्णा ध्रुव,प्रीति पाटनवार,अज़रा खान, शारदा नगरकर, उत्तरा सक्सेना,अशोक शुक्ला,शिव बालक कौशिक,सुभाष ठाकुर,देवेंन्द्र मिश्रा, अशोक सूर्यवँशी, अखिलेश गुप्ता,शैलेन्द्र जायसवाल,पुत्तन दुबे,सुरेंद्र तिवारी, विनय वैद्य, रमजान गौरी, मोह अयाज, वसीम बक्श,मनीष गढेवाल, बजरंग बंजारे,हितेश देवांगन,कमल कश्यप, बालचन्द साहू,राजेश शुक्ला,पवन साहू, पवन सोनी,पंकज राही, आदेश पांण्डेय, चंद्रकांत सोनी ,दीपक रायचेलवार, अमृतांश शुक्ला,अनिल पांण्डेय,राकेश यादव, रमेश ठाकुर, शिव यादव,संतराम सर्वा,रामायण रजक, रमाकांत साहू, गौरव सिंह,सचिन भवानी, मुकेश साहू,विकास साहू,राज कौसले, सुरेश यादव, मुकेश मरावी, वकार खान संतानू मेश्राम, रत्नेश वर्मा,हरमेन्द्र शुक्ला,भागीरथी यादव, टीकम सिंह,वकार खान,हेरि डेनिएल,राकेश केसरी, चन्दन सिंह,किशन पटेल,राजू सूर्यवँशी,विष्णु तिवारी,नीरज सोनी, राज कुमार यादव आदि उपस्थित थे।