सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, व्यापार विहार, बिलासपुर में दक्षतामूलक शिक्षा, एनसीएफ-2025 एवं नई शिक्षा नीति-2020 पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित

बिलासपुर । सेंट जेवियर्स हाईस्कूल, व्यापार विहार, बिलासपुर द्वारा 15 जून 2026 को विद्यालय के सभागार में सेंट जेवियर्स श्रृंखला के विद्यालयों के शिक्षकों हेतु एक व्यापक उन्मुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षताओं को विकसित करना तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप नवीन शैक्षिक सुधारों एवं नवाचारी शिक्षण-पद्धतियों से उन्हें परिचित कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं सेंट फ्रांसिस जेवियर्स के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा आशीर्वाद वंदना के साथ हुआ, जिससे कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु ईश्वरीय मार्गदर्शन एवं ज्ञान की कामना की गई।
इस अवसर पर सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, व्यापार विहार के प्राचार्य श्री जे. एस. हुंडाल, उप-प्राचार्या श्रीमती रंजना बहादुर, प्रधानाध्यापिका श्रीमती ए. ललिता, प्रबंधन समिति सदस्य डॉ. मधु पात्रो, स्टे. जेवियर्स हाई स्कूल, भरनी के प्राचार्य डॉ. बी. बी. महता, उप-प्राचार्य दिनेश बिष्ट, प्रधानाध्यापिका श्रीमती नैन्सी पारख तथा सेट. जेवियर्स हाई स्कूल, सरकंडा की प्रधानाध्यापिका श्रीमती शाइस्ता बेगम की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्राचार्य श्री जे. एस. हुंडाल ने विशिष्ट संसाधन विशेषज्ञ श्री जॉन नोघेरा (ट्रिनिटी कॉलेज लंदन) के साथ श्री वैभव मिश्रा एवं श्री विजय ठाकरे का पौधारोपण भेंट कर स्वागत किया। यह सम्मान विकास, कृतज्ञता एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व का प्रतीक था। अपने संबोधन में श्री हुंडाल ने सतत व्यावसायिक विकास के महत्व पर बल देते हुए संसाधन विशेषज्ञों द्वारा आयोजित तीनों ज्ञानवर्धक सत्रों के लिए आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम में प्रस्तुत विचारों एवं रणनीतियों के सफल क्रियान्वयन हेतु शुभकामनाएँ दीं।
व्यापार विहार, भरनी, मुंगेली, सिरगिट्टी, सरकंडा एवं अकलतरा सहित सेंट. जेवियर्स श्रृंखला के सभी विद्यालयों के शिक्षकों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
सत्रों के दौरान श्री जॉन नोघेरा ने स्पोकन इंग्लिश, कला एकीकरण (Art Integration), व्यावसायिक प्रबंधन, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) 2025, दक्षतामूलक शिक्षा तथा नई शिक्षा नीति 2020 के परिवर्तनकारी दृष्टिकोण पर विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियाँ दीं। उन्होंने ज्ञानार्जन, क्षमता निर्माण, मूल्यों एवं जीवन कौशलों के विकास, आलोचनात्मक चिंतन एवं समस्या-समाधान क्षमता के संवर्धन, रचनात्मकता एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा नैतिक एवं मानवीय मूल्यों के विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।
संसाधन विशेषज्ञ ने विभिन्न सहभागितापूर्ण गतिविधियों, चिंतनपरक अभ्यासों तथा शैक्षिक वीडियो के माध्यम से प्रतिभागियों को सक्रिय रूप से जोड़ा। उन्होंने “विनिंग लॉटरी टिकट”, “एग्जिट टिकट” एवं “चैलेंज” जैसी नवाचारी कक्षा गतिविधियों का परिचय कराया तथा बताया कि किस प्रकार ये गतिविधियाँ दक्षतामूलक शिक्षा के वातावरण में विद्यार्थियों की सहभागिता, मूल्यांकन एवं अधिगम परिणामों को बेहतर बना सकती हैं।
इन सत्रों ने शिक्षकों को शिक्षार्थी-केंद्रित कक्षाओं के निर्माण हेतु व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान किए, जो सहयोग, जिज्ञासा, संवाद एवं आजीवन अधिगम को प्रोत्साहित करते हैं। कार्यक्रम की सहभागितापूर्ण प्रकृति ने प्रतिभागियों को अपने अनुभव साझा करने, अपनी शिक्षण प्रक्रियाओं पर चिंतन करने तथा शिक्षण-अधिगम के नवीन आयामों को समझने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम का समापन उप-प्राचार्या श्रीमती रंजना बहादुर द्वारा दिलाई गई शपथ के साथ हुआ, जिसमें शिक्षकों ने उत्कृष्टता, ईमानदारी तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया। अंत में राष्ट्रगान के गायन के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।