बिजली दरों में वृद्धि को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू बोले- जनता पर महंगाई की दोहरी मार
बिलासपुर। बिजली दरों में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू ने गुरुवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में बिजली दरों में पांचवीं बार बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बढ़ती बिजली दरों का सीधा असर आम जनता, किसानों और हर वर्ग के उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।

धनेंद्र साहू ने कहा कि प्रदेश की जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है, ऐसे में बिजली दरों में लगातार वृद्धि से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बिजली आधे दरों पर उपलब्ध थी और पांच साल के कार्यकाल में केवल एक बार करीब ढाई पैसे की वृद्धि हुई थी, जबकि भाजपा सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में पांच बार बिजली दरों में बढ़ोतरी कर दी है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर प्रदेश माना जाता है। यहां पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं और प्रदेश दूसरे राज्यों को भी बिजली उपलब्ध कराता है, इसके बावजूद प्रदेशवासियों को बिजली में राहत नहीं मिल रही है। सरकार अपने स्तर पर आम जनता को राहत देने का प्रयास कर सकती थी।
स्मार्ट मीटर को लेकर भी कांग्रेस नेता ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई जगहों से शिकायतें मिल रही हैं कि बिना बिजली खपत के भी अधिक बिल आ रहे हैं, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। कांग्रेस अब बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर की वापसी की मांग को लेकर घर-घर जाकर लोगों से आवेदन भरवाएगी और सरकार के सामने जनता की आवाज उठाएगी।
उन्होंने कहा कि बिजली दरों की बढ़ोतरी का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। खाद की कालाबाजारी, बढ़ती महंगाई और कृषि से जुड़ी समस्याओं के कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को धान की खेती कम करने की सलाह दे रही है, जबकि उन्हें खाद, बीज और बिजली जैसी मूल सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
धनेंद्र साहू ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की गौठान योजना को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गौठान जैविक खाद उत्पादन और ग्रामीण रोजगार का माध्यम थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे खत्म कर दिया। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है।
भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के विधायक छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की प्रक्रिया देखने आए हैं, उन्हें प्रदेश में हुए “मुसुआ घोटाले” की भी जानकारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल मोदी की गारंटी पूरी करने का दावा करती है और दो योजनाओं का ही बार-बार उल्लेख करती है, लेकिन उनके आंकड़ों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर आरोप लगाया कि कई हितग्राहियों के मकान अधूरे पड़े हैं और कई लोगों को कर्ज लेकर निर्माण पूरा करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक नहीं पहुंच रहा है।
प्रेसवार्ता में कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष सुधांशु मिश्रा एवं ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह गंगोत्री सहित मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व तखतपुर विधायक रश्मि सिंह, विजय केशरवानी, रवींद्र सिंह, विजय पांडेय, राजेंद्र शुक्ला,पूर्व महापौर रामशरण यादव, प्रमोद नायक, अभय नारायण राय, दिलीप पाटिल, सीमा धीरेश, संध्या तिवारी, डब्बू साहू और लक्ष्मी साहू सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।