राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले पर चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी, जारी किया बयान

न्यूज डेस्क:श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित चंदा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच, ट्रस्ट के महामंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद विश्व हिंदू परिषद (विएचपी) के वरिष्ठ नेता चंपत राय का पहला आधिकारिक बयान सामने आया है।

लंबे समय तक चले विवाद और हाल ही में पद छोड़ने के बाद, चंपत राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पत्र साझा कर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
चौपाई के जरिए दिया संदेश
चंपत राय ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पत्र की तस्वीर साझा करते हुए गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस के अयोध्या कांड की एक प्रसिद्ध चौपाई लिखी:
“धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी।”
इसका अर्थ है: धैर्य, धर्म, मित्र और पत्नी (या जीवनसाथी)—इन चारों की वास्तविक परीक्षा केवल संकट या विपरीत परिस्थितियों के समय ही होती है। इस चौपाई के माध्यम से उन्होंने बिना सीधे कुछ कहे अपनी मौजूदा मानसिक स्थिति और संकट के समय धैर्य रखने का संकेत दिया है।
एसआईटी रिपोर्ट का इंतजार:
पत्र की मुख्य बातें : साझा किए गए पत्र में चंपत राय ने मामले पर विस्तार से बात करने से परहेज किया, लेकिन यह साफ कर दिया कि वह जांच से पीछे नहीं हट रहे हैं।
उन्होंने लिखा:
जांच पर भरोसा: वह इस पूरे मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की कार्रवाई का सम्मान करते हैं।
* अंतिम रिपोर्ट के बाद देंगे जवाब: उन्होंने स्पष्ट किया कि “एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह सभी सवालों के जवाब देंगे।” तब तक के लिए उन्होंने लोगों और मीडिया से धैर्य रखने की अपील की है।
ट्रस्ट की बैठक और इस्तीफा स्वीकार
चंपत राय का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण समय पर आया है। सोमवार को ही अयोध्या में ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ की एक हाई-लेवल बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने चंपत राय द्वारा महामंत्री पद से दिए गए इस्तीफे को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया था।
गौरतलब है कि राम मंदिर निर्माण के लिए आए चंदे में कथित घपलेबाजी और भूमि खरीद में अनियमितताओं के आरोपों के बाद विपक्ष और संतों के एक वर्ग द्वारा लगातार उनके इस्तीफे की मांग की जा रही थी। हालांकि, ट्रस्ट या चंपत राय की ओर से अभी तक वित्तीय गबन के आरोपों को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया गया है, और पूरा मामला अब एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिका हुआ है।
चंपत राय ने पत्र में क्या लिखा पढ़े

साभार: बीबीसी न्यूज