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बिग ब्रेकिंग न्यूज। NEET-UG विवाद के बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रधानमंत्री को भेजा अपना त्यागपत्र

नई दिल्ली। देश में NEET-UG परीक्षा को लेकर उपजे विवाद और विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सोशल मीडिया (X) पर युवाओं के नाम जारी एक भावुक पत्र में उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।
पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा में हुई अनियमितताओं, उसके बाद सीबीआई जांच, परीक्षा रद्द होने और 21 जून 2026 को पुन: परीक्षा आयोजित कराए जाने के पूरे घटनाक्रम का उल्लेख किया है।

पत्र की मुख्य बातें:

इस्तीफे का कारण: धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका लाभ राष्ट्र विरोधी ताकतें न उठाएं और देश की एकता बनी रहे, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र दिया है।”


  युवाओं के भविष्य की चिंता: उन्होंने कहा कि भारत के विद्यार्थियों का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे और बच्चे अपना समय पढ़ाई तथा करियर बनाने पर फोकस करें, यही उनकी प्राथमिकता है।


परीक्षा सुधार और CBT मोड: उन्होंने बताया कि 3 मई को अनियमितता सामने आने के बाद सरकार ने तुरंत संज्ञान लेकर मामला सीबीआई को सौंपा और परीक्षा रद्द कर पुन: 21 जून को सफलतापूर्वक आयोजित कराई। साथ ही, अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer- based-test) मोड में कराने का निर्णय लिया गया है।

परीक्षा माफिया पर प्रहार: उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि वे किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे और न ही किसी छात्र के साथ अन्याय होने देंगे।

गुमराह करने की कोशिश पर दुख: उन्होंने लिखा कि 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे, जिसमें गरीब पृष्ठभूमि के बच्चों को भी सफलता मिली, लेकिन कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों द्वारा छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया गया, जिससे वे व्यथित थे।

प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल का जताया आभार


धर्मेंद्र प्रधान ने अपने चार दशकों के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी आभार जताया।
उन्होंने अंत में कहा कि ‘राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है’ और वे प्रभु श्री जगन्नाथ जी के आशीर्वाद से भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की सेवा में समर्पित रहेंगे।