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बिलासपुर

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और FIR की मांग, इंडिया गठबंधन कल निकालेगा मार्च बिलासपुर में SIR को लेकर कांग्रेस का आरोप—72 से 73 हजार मतदाताओं के नाम कटे, कई लोगों को जानकारी तक नहीं

बिलासपुर। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को प्रेसवार्ता की। कांग्रेस नेताओं ने Special Intensive Revision (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन द्वारा गुरुवार को बिलासपुर में मार्च निकाला जाएगा।

जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि SIR के बाद बिलासपुर में करीब 1 लाख 82 हजार मतदाता ही बचे हैं, जबकि 72 से 73 हजार नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे लोगों के लिए लड़ाई लड़ रही है, जिनके नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं और कई लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं है।

मिश्रा ने आरोप लगाया कि SIR का इस्तेमाल देशभर में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया गया है। उन्होंने बिलासपुर के तारनहार क्षेत्र के एक वार्ड में 108 मतदाताओं के नाम दूसरे कार्ड में जोड़े जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस की आपत्ति के बाद इन नामों को जोड़ा गया।

उन्होंने दावा किया कि केंद्र के इशारे पर विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची में इस तरह की गड़बड़ियां की गईं और भाजपा के मंडल प्रभारियों के माध्यम से मतदाताओं को चिन्हित कर नाम कटवाए गए। कांग्रेस नेता ने कहा कि इंडिया गठबंधन CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ FIR की मांग कर रहा है।

मिश्रा ने कहा कि इसी मांग को लेकर देशभर में आंदोलन किया जाएगा। बिलासपुर में गुरुवार को भीमराव अंबेडकर चौक से कलेक्टर कार्यालय तक मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक CEC के इस्तीफे की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब निर्वाचन आयोग के दो अन्य अधिकारियों की ओर से SIR को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं, तो उन्हें दरकिनार करने की क्या वजह थी। उन्होंने कहा कि भाजपा यदि इन मुद्दों पर CEC का बचाव कर रही है, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रेसवार्ता आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के दो अन्य आयुक्तों ने SIR से संबंधित मामलों में 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन उनकी आपत्तियों को नहीं सुना गया। यह मुद्दा सामने आने के बाद देशभर में CEC के इस्तीफे की मांग उठ रही है।

गंगोत्री ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान देशभर में 13 करोड़ से अधिक नाम ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से हटाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। उन्होंने कहा कि नाम हटाए गए लोगों के अधिकारों और उनकी नागरिकता को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया की समीक्षा जरूरी है।

कामरेड पवन शर्मा ने कहा कि इंडिया गठबंधन को निर्वाचन आयोग के निर्णयों को लेकर आपत्ति है और वह कार्रवाई की मांग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बहुमत की बात को नजरअंदाज कर ऐसे निर्णय लिए गए जो संविधान की भावना के विपरीत हैं।

SIR को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों द्वारा 10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आ चुकी है। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने आंतरिक मतभेदों को अपनी सामान्य निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।

प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक शैलेश पांडेय, एनसीपी नेता संजय चौहान सहित इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के जिलाध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे।