नवरात्रि पर प्रशासन की गाइडलाइन जारी, डीजे पर प्रतिबंध; हर पंडाल में सीसीटीवी और 24 घंटे दो वॉलंटियर जरूरी
बिलासपुर। बिलासपुर में शारदीय नवरात्रि, दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस बार दुर्गा पूजा पंडालों में डीजे और बड़े साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं, गरबा आयोजनों के लिए एनओसी लेना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर में 11 से 20 अक्टूबर तक नवरात्रि, 20 अक्टूबर को दशहरा और 21 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में कलेक्टोरेट स्थित मंथन सभागार में बैठक आयोजित कर पूजा समितियों, गरबा आयोजकों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशासन के निर्देशों के अनुसार, दुर्गा पूजा पंडालों में डीजे और बड़े साउंड सिस्टम की अनुमति नहीं होगी। पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाना और अग्निशमन की व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रत्येक पंडाल में 24 घंटे कम से कम दो वॉलंटियर तैनात रखने होंगे। वॉलंटियरों की सूची और उनके पहचान पत्र संबंधित थाने में जमा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गरबा आयोजकों के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। गरबा आयोजन से पहले संबंधित विभाग से एनओसी और लिखित अनुमति लेना जरूरी होगा। आयोजकों को पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था और वॉलंटियरों की तैनाती सुनिश्चित करनी होगी। भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी भी आयोजकों की होगी।
प्रशासन ने जुलूस और विसर्जन के दौरान नशे की हालत में शामिल होने, चाकू या अन्य हथियार लेकर चलने पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया है।
वहीं, भंडारे और लंगर में प्लास्टिक की प्लेट, गिलास और अन्य प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। सड़क पर बैठकर प्रसाद बांटने और सड़क या नाली में कचरा डालने की भी अनुमति नहीं होगी।
बारिश की संभावना को देखते हुए पंडालों में बिजली के तारों और कनेक्शनों की सुरक्षित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली के उपकरणों को पानी से बचाने के साथ ही अग्निशमन संसाधन उपलब्ध रखना भी जरूरी होगा।
विसर्जन को लेकर प्रशासन ने निर्धारित समय-सारिणी जारी की है। 21 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पथरी-छठ घाट पर दोपहर 4 बजे से रात 11 बजे तक किया जाएगा। सभी समितियों को निर्धारित समय और मार्ग का पालन करना होगा। विसर्जन मार्ग पर साफ-सफाई और गोताखोरों की व्यवस्था भी की जाएगी।
प्रशासन ने सभी पूजा समितियों और आयोजकों से अपील की है कि वे दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए नवरात्रि और दुर्गा पूजा के आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराएं।