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क्राइमबिलासपुर

नाबालिक बच्ची की अपहरण की कोशिश की शिकायत के आज 05 माह बाद भी सरकंडा पुलिस आरोपियों को पकड़ने में रही नाकाम, जबकि किडनेपिंग के लिए आए लोगो की कार का डिटेल पास के सीसीटीवी कैमरे में मौजूद

बिलासपुर । नाबालिक बच्ची की अपहरण की कोशिश की शिकायत के आज 05 माह बाद भी सरकंडा पुलिस आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही।

मामला बीते 20 नवंबर 2022 की घटना है। जब किशन गुप्ता जो कि मार्फेड के रिटायर्ड कर्मचारी है जो गली न 02, बसंत शर्मा गली, जबडापारा बिलासपुर में रहते है । घटना की शाम 05 बजे के करीब जब उनके परिवार के लोग घर पर नही थे । घर पर सिर्फ उनकी 11 साल की एक बच्ची थी तब झारखंड पासिंग की एक फोर्ट फिगो टाइटेनियम मॉडल, ग्रे कलर की कार जिसका नंबर JH 01 DC 2618 है , जिसमें 03 लोग सवार थे उनके घर पहुंचे जो चेहरे में काले नाकॉब पहने हुए थे, अपने दोनो हाथो में काले दस्ताने, काले जैकेट्स एवम हाथो में रूमाल लिए हुए थे।

जो घर के दरवाजे की घंटी बजाए और जब बच्ची बाहर निकली तो तुम्हारी मम्मी तुम्हे बुला रही है हमारे साथ चलो कह कर बच्ची को घर से बाहर निकलने व अपने साथ चलने फोर्स करने लगे लेकिन जब बच्ची काफी देर तक प्रयास करने के बाद भी उसके साथ चलने को तैयार नही हुई और अपनी मम्मी को कॉल करके पहले पूछने की बात कह कर रूम के अंदर मोबाइल लेने जाने लगी तब वे सभी लोग वहा से भाग निकले। और उस बच्ची की किडनेपिंग नही हो पाई ।

(सीसीटीवी में कैद संदिग्ध आरोपियों के कार की तस्वीर )

कुछ देर बाद जब बच्ची की मम्मी, पापा एवम परिवार वाले घर पहुंचे तो बच्ची ने इस पूरी घटना की जानकारी उन्हे दी । तब परिवार वालो ने सुबह सरकंडा थाने जा कर उक्त घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

जब सरकंडा पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू की तो इस घटना की वीडियो पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद भी नजर आया । जिसमे आरोपियों के कार का पूरा विवरण भी स्पष्ट रूप से देखा गया था।

लेकिन आज घटना के 05 माह बीत जाने के बाद भी उक्त अपराधियों का सरकंडा पुलिस कुछ पता नही लगा पाई और मामला पूरे ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। क्या जब बच्ची की सचमुच में किडनेपिंग हो जाती तब पुलिस को यह मामला बड़ा लगता, आज जब घटना घटित होते होते रह गई और 11 साल की बच्ची किडनैप होने से बच गई तो सरकंडा पुलिस मामले में कोई दिलचपी नही दिखा रही है। जबकि यह मामला बहुत ही संवेदनशील है।

बच्ची के दादा किसान लाल गुप्ता से जब हमने बात कि तो उन्होंने बताया कि इस मामले को ले कर कई बार उसने थाने जाकर जानकारी लेनी चाही लेकिन हर बार जांच का हवाला दे कर उन्हे वहा से चलता कर दिया गया।

(थाने में की गई शिकायत की कॉपी)