आदिवासी किसानो के खाते से की जा रही है धान बेचकर समर्थन मूल्य का अनुचित लाभ लेने का बड़ा खेल, किसानो को ही पता नही उसके खाते से कौन कितना धान मंडी में बेच दिया है।

कोटा। आदिवासी किसानो के खाते से किसानो की बिना जानकारी के अवैध रूप से धान की बिक्री कर समर्थन मूल्य का लाभ लेने का एक बड़ा खेल खेलने का मामला सामने आया है।
इस मामले में कोटा क्षेत्र के बेलगहना के ग्राम टाटीधार में रहने वाले लगभग सभी आदिवासी किसानो को इसका शिकार बनाया गया है।
यहां के ज्यादातर आदिवासी किसान अनपढ़, सीधे साधे एवम सरल है। जिसका फायदा उठाते हुए एक व्यक्ति ने इनके खाते से राइस मिल का धान बेचकर सरकार से मिलने वाले धान के समर्थन मूल्य का अनुचित लाभ लेकर सरकार को चुना लगाने का गैर कानूनी काम किया गया है।
आपको बता दे की यहां के ग्रामीण किसानो ने बताया कि उसने कोई धान ही नही बेची है, वही कुछ किसानो ने बताया कि वे नाम मात्र के धान बेचे है। लेकिन रिकॉर्ड को देखा जाय तो उनके खाते से लाखो रूपयो की धान बेची गई है। जिसकी कोई जानकारी किसानो को नहीं है।
जब हमने जानकारी ली तो इस पूरे मामले में क्षेत्र के एक मास्टर माइंड व्यक्ति का नाम सामने आया है। जो बाहर का धान किसानो के खाते से धान बेचने का काम किया है। जिसने किसानो के ओरिजनल बैंक पास बुक भी अपने पास रख लिया है ताकि किसान को ऑनलाइन जमा हुई राशि की जानकारी न हो सके एवम किसान को सिर्फ उसके धान की राशि नकद रूप में दिया है।
जब हमने किसानो ने बात की तो उन्होंने यह भी बताया कि वे धान मंडी तो अपना धान बेचने गए है लेकिन पैसा निकलवाने वे बैंक अभी तक नही गए है, उन्हे जो पैसा मिला है वह उसे नकद रूप में उस व्यक्ति ने दिया है।
शेष खुलासा अगले अंक में…..