•43 डिग्री की तपती गर्मी में व्याकुल प्यासे लोगो एवम जीव- जन्तुओ का प्यास बुझायेगी पायल एक नया सवेरा फाउंडेशन • शहर के अलग- अलग स्थानों में 200 पानी की टंकियां एवं 50 पानी के घड़े उपलब्ध कराएंगी • पानी पिलाना बहुत ही पुण्य का काम इस पुण्य का सभी को भागीदारी बनना चाहिए : पायल लाठ

बिलासपुर। आज शहर का तापमान बढ़कर 43 डिग्री तक जा पहुंचा है। तेज धूप एवम तप्ती गर्मी से लोग परेशान है। ऐसे में जो लोग दोपहर को काम करते है या घर से बाहर होते है चाहे वह बेजुबान पक्षी, जानवर या जीव जंतु हो सभी को पानी की तलब लगती है। ऐसे में इन सभी के लिए पायल एक नया सवेरा फाउंडेशन द्वारा एक सराहनीय कदम उठाते हुए शहर के अलग – अलग, चौक- चौराहे में पीने के लिए पानी के घड़े एवम जीव – जंतु, पशु – पक्षियों के लिए सीमेंट का टब लगाया जा रहा है। ताकि जब भी किसी को प्यास लगे वह इससे पानी पीकर अपनी प्यास बुझा सके।

आपको बता दे कि पिछले वर्ष भी पायल एक नया सवेरा फाउंडेशन द्वारा इस तरह का सराहनीय एवम मानवीय पहल करते हुए गौ माता एवम जानवरो के लिए पानी की टंकीयां एवं आम जनता के लिए पानी के घडो का वितरण का कार्य किया गया था।

इस गर्मी में भी 200 पानी की टंकीयां एवं 50 पानी के घड़े वितरण शहर के अलग – अलग जगहों एवम चौक- चौराहों में करने का लक्ष्य संस्था ने रखा है ।

जिसकी आज अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के सामने इस शुभ कार्य का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि रूप में बिलासपुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप, जोनल विभाग एसपी दीपमाला कश्यप, सिविल लाइंस आईपीएस सीएसपी उमेश गुप्ता, आईपीएस अजय कुमार, थाना प्रभारी प्रदीप आर्य, नीरज गेमनानी, उपाध्यक्ष चंचल सलूजा, मौजूद रहे ।
फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती पायल शब्द लाठ ने बताया कि आज 43 डिग्री तापमान है और पानी की आवश्यकता सभी को है। बिना पानी के कोई भी नही रह सकता है। इसके लिए सदर बाजार ,गोल बाजार ,जूनी लाइन, मसानगंज,चांटापारा, मुंगेली नाका, उसलापुर, सरकंडा ,मोपका, रेलवे स्टेशन, सिरगिट्टी, विद्यानगर ,तिफरा आदि शहर के सभी क्षेत्रों में पानी पीने का पात्र रखे जाएंगे ।
साथ ही उन्होंने आम जनता से निवेदन भी किया कि अपने घर के सामने एक पानी भरकर कोई भी पात्र अवश्य रखें । ताकि कोई भी जीव – जंतु इस भीषण गर्मी में अपनी प्यास बुझा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी को पानी पिलाना बहुत ही पुण्य का काम है। हर किसी को इस पुण्य का भागीदारी बनना चाहिए। मानव सेवा ही सबसे बड़ी एवम सच्ची सेवा है।